भीमताल/गरमपानी (नैनीताल)। चार दिन की मूसलाधार बारिश ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। बारिश से फसलों के खराब होने से किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्हें रोजी रोटी की चिंता सता रही है। जिले के ओखलकांडा, बेतालघाट, धारी, रामगढ़ और भीमताल में बारिश से बीन, गोभी, राजमा, धान, मडुवा, उड़द, भट्ट और गहत की फसलें सड़ने लगी है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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लगातार हो रही बारिश की वजह से दालों की खेती चौपट हो गई है। पानी भरे खेतों में भट, गहत, राजमा और उड़द की फसलें सड़ने लगी हैं। इस बार अपने खाने लायक भी फसलें बचाना मुश्किल हो गया है।
कृपाल सिंह बिष्ट, किसान, सीम
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बारिश ने इस बार फसलें खेतों में सड़ गई हैं। फसल संभालने के दौरान हुई बारिश से खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। हम लोगों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
भगवत सिंह बिष्ट, किसान ढौन
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बारिश से खेतों में लगी 50 प्रतिशत से अधिक फसलों के खराब होने से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रशासन को किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए।
लोकेश वर्मा, किसान अलचौना
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बारिश से की फसलों पर असर पड़ा है। बारिश से फसलों के मंडी तक नहीं पहुंचने से हजारों रुपये का नुकसान को उठाना पड़ रहा है।
आनंदमणि भट्ट, किसान अलचौना
गौलापार में टमाटर की फसल बर्बाद
हल्द्वानी। बारिश से गौलापार में दो हजार परिवारों की आय का जरिया टमाटर की फसल खराब हो चुकी है। इसके अलावा धान, मक्का और सब्जी को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। इधर, मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि बारिश से खेती को नुकसान पहुंचा है। इसके लिए कर्मचारियों की टीम बनाकर प्रभावित जगहों पर आकलन के लिए भेजी जा रही है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों से जानकारी लेकर आकलन किया जाएगा।
डीएम ने फसलों को हुएनुकसान के सर्वें के दिए आदेश
हल्द्वानी। बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए डीएम धीराज गर्ब्याल ने राजस्व, कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारियों को फसलों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने बताया कि बारिश से किसानों को भारी नुकसान की सूचना आ रही है। विभिन्न क्षेत्रों से किसानों ने व्यक्तिगत रूप से भी फसलों को नुकसान होने की सूचना दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। बीमा कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें क्लेम का भुगतान करें। डीएम ने बताया कि सर्वे की संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी जिसके बाद शासन स्तर से किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। संवाद