बेतालघाट (नैनीताल)। तीन साल पहले आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। नहरें क्षतिग्रस्त होने के चलते किसानों के खेतों में लगी गेहूं, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, अदरक, चना, मिर्च की फसल को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे किसानों की फसलें सूखने के कगार पर हैं।
बेतालघाट के तिवारीगांव, आमबाड़ी, टंगुड़ाबड़ा, रैलियागांव, जावा, घिरोलीसेरा की नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसान बेहद परेशान हैं। ग्रामीण और जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारियों से सिंचाई नहरों को काफी समय से सही कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तिवारीगांव के ग्राम प्रधान रोहित तिवारी ने बताया कि पिछले तीन साल से नहर सही कराने की मांग की जा रही है मगर विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है। किसान रवि वर्मा, ठाकुर सिंह, मोहन सिंह ने कहा कि टूटी नहरों के चलते खेतों में लगी फसलों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे गेहूं की फसल सूखने लगी है। इधर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता राकेश मोहन ने कहना है कि शासन से नहरों को सही कराने के लिए 1.70 करोड़ की धनराशि मिल चुकी है। लोकसभा चुनाव के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।