रामनगर (नैनीताल)। गर्मी बढ़ने के साथ ही कोसी नदी का जलस्तर कम हो रहा है। यही हालात रहे तो मई और जून में पानी की किल्लत होनी शुरू हो जाएगी। सिंचाई के लिए भी पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा।
कोसी बैराज से निकलने वाली सिंचाई नहरें चिल्किया, पीरूमदारा, बसई, टाडा, जस्सागांजा, पापड़ी, शिवलालपुर, कानिया, चोरपानी, सेमलखलिया, गोजानी, चोरपानी, करनपुर, बैडाझाल समेत कई गांवों में भूमि को सिंचित करती हैं। गेहूं कटाई के बाद धान की बुआई के लिए पानी की जरूरत होगी। अभी से जल स्तर कम होने पर सिंचाई के लिए भी परेशानी आएगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अमित गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में कोसी बैराज में 91 क्यूसेक पानी है, जो पिछले साल से 2 क्यूसेक कम है। अभी गेहूं कटाई होने की वजह से सिंचाई के लिए पानी की जरूरत किसानों को नहीं है। नदी का जल स्तर कम होने के कारण अगले माह से सिंचाई नहरों में एक दिन छोड़ कर एक दिन पानी देने की पुरानी रणनीति पर काम किया जाएगा। ताकि जरूरत के आधार पर सभी किसानों को पानी मिल सके।