अमरनाथ यात्रा पर गए हल्द्वानी के दर्जनों लोग भी श्रीनगर में कर्फ्यू लगने से जगह-जगह फंसे हैं। श्रीनगर, पहलगाम, अनंतनाग एवं आसपास इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से यात्रा के गए अधिकांश लोगों का घरों में परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
घर वाले परेशान हैं और टीवी के सामने बैठकर श्रीनगर के हालात पर नजरें लगाए हैं। श्रीनगर से लौट चुके श्रद्धालुओं के मुताबिक हालाता बेकाबू हैं। दवा-पानी और खाने-पीने की व्यवस्था चरमराई है। यात्रियों की भीड़भाड़ से एयरपोर्ट की हालत रेलवे स्टेशन से बदतर है। सिर छिपाने के लिए कोई जगह नहीं है। होटल और रेस्त्रां नहीं खुल रहे हैं। लोग सड़कों पर बरसात में भीगकर खुद की जान बचाने को मजबूर हैं।
हल्द्वानी से करीब 30 लोग अमरनाथ यात्रा पर हैं। सभी लोग अपने-अपने दलों में अलग-अलग जगहों पर हैं। रास्ते बंद हैं। भाजपा नेता पंकज कपूर से फोन पर हुई बातचीत के मुताबिक वे भी हिमालया फार्म निवासी अमित और सुमित सिंघल के साथ यात्रा पर हैं। अमित और सुमित चचेरे भाई हैं। पंकज कपूर के मुताबिक शुक्रवार को अनंतनाग में गोलीबारी के बाद श्रीनगर के हालात बेकाबू हैं। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगा है। उपद्रवियों ने श्रीनगर में काफी नुकसान किया है। पथराव के बाद सड़कें पत्थरों से पटी हैं। तोड़फोड़ और आगजनी से दहशत का माहौल है।
सुमित सिंघल के मुताबिक शुक्रवार रात एक बजे आर्मी ने सोनमर्क से वाहनों की कानबाई छोड़ी। जिसमें उनकी टीम भी जैसे तैसे बचकर शनिवार सुबह पांच बजे श्रीनगर पहुंची। श्रीनगर में जिस होटल में उनकी एडवांस बुकिंग थी उसने दरवाजे नहीं खोले। भूखे रहे और सीधे श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट में जबर्दस्त भीड़ है। खड़े होने की जगह नहीं है। अमित सिंघल के मुताबिक श्रीनगर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है, जिससे कोई भी नेट संपर्क बंद है। एसटीएच के पीआरओ आलोक उप्रेती भी अपने दल के साथ अमरनाथ यात्रा पर हैं। आलोक के मुताबिक श्रीनगर में खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था नहीं है।
जिन जगहों पर खाना मिल रहा है भंडारे की तरह लंबी लंबी लाइनें लगी हैं। बारिश में भीगने से कई लोग बीमार हैं। उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है। जगह-जगह फंसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी को याद कर सकुशल घर वापसी की दुआएं मांग रहे हैं। हल्द्वानी के संजू, दीपू बिष्ट, सोनू भी श्रीनगर में फंसे हैं। पंकज कपूर ने कहा कि आर्मी पूरी तरह मुस्तैद है। हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के मुताबिक हल्द्वानी के कई लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली है, लेकिन जम्मू सरकार की तरफ से फंसे हुए श्रद्धालुओं की कोई सूची जारी नहीं हुई है।