0001 और 0786 जैसे फैंसी नंबर एक लाख रुपये के बिकते हैं। बावजूद इसके काफी मारामारी रहती है। परिवहन विभाग में न्यूनतम फैंसी नंबर 20 हजार रुपये का है। पर जब वाहन स्वामी अपना वाहन बेचता है, तो उसका फैंसी नंबर भी वाहन के साथ ही चला जाता है। ऐसे में परिवहन विभाग नंबर पोर्टिबिलिटी की योजना पर काम कर रहा है। इसमें वाहन बेचने के बाद भी फैंसी नंबर आपके पास ही रहेगा।
परिवहन विभाग में करीब 300 नंबर है, जिनकी कीमत बीस हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये है। इन फैंसी नंबर के लिए भी मारामारी जैसी स्थिति रहती है। उप परिवहन आयुक्त व आरटीओ एसके सिंह का कहना है कि यदि किसी के वाहन में फैंसी नंबर है, वह चाहता है कि यही नंबर उसके दूसरे वाहन के लिए दे दिया जाए तो यह सुविधा देने के बारे में परिवहन विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है। अभी यह प्रारंभिक विचार के तौर पर है। इसके लिए शुल्क, नियम तय किए जाएंगे। यह सुविधा केवल फैंसी नंबरों के लिए ही होगी।
नंबरों का बोली का भी प्रस्ताव
हल्द्वानी। फैंसी नंबर के लिए पहले शुल्क जमा करने वाले का मौका मिलता है। इसके लिए भी दबाव बनाया जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने पंजाब आदि जगहों की तर्ज पर बोली लगाने की योजना बनाई है। इसमें जो ज्यादा राशि देगा, उसको नंबर मिल जाएगा।