जिलाधिकारी दीपक रावत ने मां नंदा देवी महोत्सव से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर कहा कि मेला परिसर में बकरे की बलि पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। नंदा अष्टमी के दिन नैना देवी मंदिर में बकरों को पुलिस की निगरानी में एक-एक कर पूजा के लिए मंदिर में ले जाया जाएगा और पूजा के बाद वापस लाया जाएगा।
जिला सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा। 9 सितंबर को अष्टमी के दिन ही मंदिर परिसर में बकरों की पूजा की अनुमति दी जाएगी।
बकरा साथ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को मस्जिद गेट से होकर ही मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करने दिया जाएगा, साथ ही वह अपनी पहचान भी दर्ज कराएंगे। डीएम ने कहा कि शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। प्रशासन ने ठंडी सड़क से बकरा लेकर आने पर प्रतिबंध लगाया है।
बैठक में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एडीएम बीएल फिरमाल, आरडी पालीवाल, एसडीएम वंदना सिंह, एएसपी हरीश चंद्र सती, सीओ विजय थापा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीसी कांडपाल, ईओ रोहिताश शर्मा, एडवोकेट डीके शर्मा, पूर्व महासचिव जेपी साह, राम सेवक सभा अध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू, गोपी साह, किशन नेगी, भीम सिंह कार्की, मनोज जोशी, देेवेंद्र लाल साह आदि मौजूद थे।
मेला स्थल पहुंचे डीएम, एसएसपी
जिलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को मां नंदा देवी मंदिर व मेला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर गेट से गुरुद्वारा तक श्रद्धालुओं को कतारबद्ध करने के लिए बैरिकेडिंग लगवाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु आसानी से पूजा अर्चना कर सकें।
डीएम ने कहा कि मेला परिसर में 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।