नैनीताल। केंद्र सरकार की ओर से प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए दिए निर्देश के क्रम में नैनीताल में भी नगर पालिका एवं जल संस्थान की ओर से जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। पहले चरण में 11 जलस्रोत ठीक किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में अवशेष को ठीक किया जाना है। केंद्र सरकार की ओर से जल संरक्षण की पहल करने के साथ इस मद में पालिकाओं को धनराशि भी जारी की गई है।
नैनीताल पालिका के पास इस मद में 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि मौजूद थी। पालिका ने 70 लाख रुपये की धनराशि जल संस्थान को अवमुक्त कर दी है। जल संस्थान की ओर से प्रथम चरण में सिपाहीधारा तल्लीताल, चूना धारा मल्लीताल, पर्दाधारा, गौमुख धारा कृष्णापुर, तुड़तुड़ियाधारा, स्प्रिंग फील्ड, विश्राम घाट पाइंस, गुफा महादेव मंदिर, नारायण नगर, स्टोनले, राजपुरा जलस्रोत को ठीक किया जा रहा है। इनमें 50 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण में पालिका की ओर से शेष जलस्रोत चिह्नित किए जाएंगे और जल संस्थान उन्हें भी पुनर्जीवित करेगा।
शिप्रा नदी को संरक्षित करने के लिए जल संरक्षण के कार्य होंगे
भीमताल। भीमताल, सलड़ी, नैनीताल, गौलापार क्षेत्र में गिरते जलस्तर को देखते हुए जलस्रोतों को दोबारा पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके लिए जिला योजना और अन्य मदों से निर्माण कार्य किए जाएंगे। चेकडैम का भी निर्माण कार्य किया जाएगा। भवाली में शिप्रा नदी को संरक्षित करने के लिए जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। सीडीओ अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए विभागों की मदद से काम किया जा रहा है। संवाद