केवल एक संचालक के आगे आने से शहर के लिए बहुआयामी सिटी बस सेवा के तय समय 21 जुलाई से चलने पर संशय है। 30 लाख की नई बीएस-6 बस की शर्त के कारण बस मालिक आवेदन के लिए आगे नहीं आ रहा है। अब आरटीए की दोबारा बैठक कर इस समस्या का हल निकालने की तैयारी है।
शहर में लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है। हाल यह है कि काठगोदाम से रामपुर रोड स्थित पंचायत घर पहुंचने में चार जगह टेंपो बदलना पड़ता है। इसमें समय के साथ जेब भी ज्यादा ढीली होती है। परिवहन विभाग के साथ आरटीए की बैठक में कमिश्नर ने छह रूटों के लिए सिटी बस सेवा को मंजूरी दी। पहले इसे 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन शुरू करना था लेकिन बाद में यह तिथि 21 जुलाई कर दी गई। आरटीए की बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि शहर के पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सिटी बस सेवा में बीएस 6 मानकों का पालन करने वाली नई बसें ही शामिल होंगी।
विभाग ने अलग से परमिट देने की व्यवस्था भी बना दी लेकिन सिटी बस सेवा के लिए अब तक केवल एक ही आवेदन आया है। परिवहन विभाग ने कारण तलाशा तो पता चला कि 32 सीटर नई गाड़ी की कीमत 30 लाख रुपये है। इस कारण बस संचालन के लिए वाहन स्वामी आगे नहीं आ रहे हैं।
सिटी बस संचालन प्राथमिकता में है। कुछ अड़चन है, इसे भी अगली बैठक में दूर कर लिया जाएगा। पता चला है कि बस का रेट ज्यादा होने की वजह से वाहन स्वामी पशोपेश में हैं। इस समस्या का समाधान भी जल्द होगा। -सुनील शर्मा, आरटीओ