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सुरक्षा के पूरे इंतजामों के साथ शुरू हुई परीक्षा

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एसएसजे विवि अल्मोड़ा में परीक्षा देते विद्यार्थी। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। अल्मोड़ा और बागेश्वर के महाविद्यालयों में सोमवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हुईं। परिसरों में कोरोना के चलते सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए। हर छात्र की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। अल्मोड़ा में कक्ष में प्रवेश करने से पहले छात्रों को सैनिटाइजेशन मशीन से होकर गुजरना पड़ा। परीक्षा से पूर्व कॉलेज में बैरिकेडिंग की गई थी। परीक्षा के दौरान वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित किया गया। तीन पालियों में हुई परीक्षा में दोनों जिलों में 1500 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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एसएसजे परिसर में पहली पाली में 202 छात्र अनुपस्थित
अल्मोड़ा। सोमवार को एसएसजे विश्वविद्यालय में दो पालियों में परीक्षाएं हुईं। 11 बजे से एक बजे तक हुई पहली पाली की परीक्षा में कुल 225 छात्र पंजीकृत थे, जिसमें से 202 ने परीक्षा दी। दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक की दूसरी पाली में 241 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे।
बागेश्वर में 500 से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा
बागेश्वर। कोरोना महामारी के बीच हुई परीक्षाओं में बागेश्वर जिले में 500 से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। बागेश्वर महाविद्यालय में तीन पालियों में हुई परीक्षा में 25, कांडा में एक, गरुड़ में 11 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. रंजना साह ने बताया कि सुबह 8 से 10 बजे की पहली पाली में 249 परीक्षार्थियों में से 229 ने परीक्षा दी। 11 बजे से एक बजे की दूसरी पाली में 52 में से 50 उपस्थित रहे। दो से 4 बजे की तीसरी पाली में 52 में से 49 ने परीक्षा दी। कांडा में पहली पाली में 29 में से एक अनुपस्थित रहा। वहीं शाम की पाली में आठ परीक्षार्थी उपस्थित रहे। गरुड़ डिग्री कॉलेज में पहली पाली में 134 में से 123 ने परीक्षा दी। शाम की पाली में सभी 24 परीक्षार्थी उपस्थित थे। कपकोट में दो से चार बजे की पाली में 12 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
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समय कम मिलने से नाखुश दिखे परीक्षार्थी
बागेश्वर। कोरोना महामारी के बीच परीक्षाओं में समय कम मिलने से परीक्षार्थी नाखुश दिखे। उनका कहना था कि परीक्षाओं के लिए तीन घंटे के बजाय दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है। समय कम मिलने से कई प्रश्नों के उत्तर छूट गए। ऑनलाइन पढ़ाई का भी लेखनी पर असर पड़ा।
शीतलाखेत में पहली बार बना परीक्षा केंद्र
रानीखेत/द्वाराहाट। पीजी कालेज में मुख्य परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। प्रभारी प्राचार्य डा. वाईके शर्मा ने बताया कि पहले दिन 60 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में प्राचार्य डॉ. श्याम वचन परीक्षा प्रभारी रहे। यहां पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिसमें छह छात्र छात्राओं ने परीक्षा दी।
तैयारी के लिए नहीं मिल पाया पर्याप्त समय (परीक्षार्थियों से परिचर्चा)
परीक्षाओं का समय पर पता नहीं लग पाया, जिससे अच्छी तैयारी नहीं हो पाई। अचानक परीक्षा होने से दिक्कतें हुई हैं। पेपर बहुत कठिन तो नहीं था। पर कुछ समय मिलता तो ज्यादा अच्छा था। -सूरज चनियाल, सेराघाट।
अचानक परीक्षा होने से थोड़ी दिक्कतें हुई हैं। कोरोना के चलते परीक्षा देने में काफी डर सा लगा। कॉलेज में पूरी तरह सैनिटाइजेशन आदि व्यवस्था थी, खुद भी सुरक्षा सामग्री लेकर पहुंची हूं। - प्रियंका रौतेला, द्वाराहाट।
लॉकडाउन के दौरान कॉलेज बंद रहने से पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई। जितना हो सकता था अपनी ओर से तैयारी की। कोरोना के कारण अधिक तैयारी नहीं हो सकी। भय का भी माहौल था। - यसवनी पंत, अल्मोड़ा।
जल्दबाजी में हुई परीक्षाओं में तैयारी नहीं हो सकी। ऊपर से समय भी कम रहा। दो घंटे की परीक्षा में कई प्रश्न हल नहीं कर पाए। तैयारी के लिए कुछ समय मिला होता तो अच्छा प्रदर्शन रहता। -उत्तम सरदार, अल्मोड़ा।
एक घंटे का समय कम किया गया है। इससे कुछ प्रश्नों के उत्तर छूट गए। परीक्षा देर में होने से पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिला लेकिन परीक्षा के दौरान समय कम मिलने से दिक्कत हुई। - पूजा जोशी, बीएड अंतिम वर्ष, बागेश्वर
कोरोना के कारण पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हुआ। परीक्षा भी देरी से हुई है। प्रश्न पत्र ठीक आया था। परीक्षाओं की तिथि स्पष्ट नहीं होने से पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई है। -मीनू जोशी, बीएड अंतिम वर्ष, बागेश्वर
कोरोना से पढ़ाई प्रभावित रही। परीक्षाओं की तिथि स्पष्ट नहीं होने से भी असमंजस रहा। प्रश्नपत्र ठीक आया था लेकिन समय कम मिलने से सभी प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाया। - सचिन कुमार, बीए प्रथम वर्ष, बागेश्वर
कोरोना वैश्विक महामारी के कारण कॉलेज बंद रहे, जिस कारण कोर्स पूरा नहीं हो पाया। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई से थोड़ा राहत मिली। प्रश्न पत्र ठीक आया था, अच्छे नंबर आने की उम्मीद है। - राहुल जोशी, बीए प्रथम वर्ष
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