रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल, इंटर की परीक्षाएं सोमवार 10 अप्रैल को समाप्त हो गई हैं। अब अधिकारी मूल्यांकन कार्यों की तैयारियों में जुट गए हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा 17 मार्च से शुरू हुई परीक्षा 10 अप्रैल को संपन्न हुई, जिसमें हाइस्कूल 153814 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिसमें संस्थागत 148231, व्यक्तिगत 5583 थे। इंटर में 133417 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिनमें संस्थागत 125087, व्यक्तिगत 8330 थे।
इसमें हाइस्कूल में 4054 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, वहीं इंटर में 2595 लोग परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इस वर्ष 1319 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपादित कराई गई। इसमें सर्वाधिक परीक्षा केंद्र 167 पौड़ी जनपद में थे, जबकि सबसे कम 40 चंपावत जनपद में थे। पूूरे राज्य में 250 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था, जबकि 24 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया था। सर्वाधिक अति अतिसंवेदनशील केंद्र 8-8 हरिद्वार, पौड़ी जनपद में थे।
रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा सोमवार दस अप्रैल को परीक्षा समाप्त होने के बाद बोर्ड परिषद मूल्यांकन कार्य की तैयारी में जुट गया है। 17 अप्रैल से 2 मई तक छह हजार परीक्षकों द्वारा 30 मूल्यांकन केन्द्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी। बोर्ड सचिव वीपी सिमल्टी ने बताया कि 10 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम के कामों को अंतिम रूप देते हुए मई के अंतिम दिनों में परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की इंटर व हाईस्कूल की परीक्षा में इस वर्ष परीक्षा नकलविहीन कराने के बोर्ड परिषद के प्रयास काफी हद तक सफल रहे। इस वर्ष मात्र चार जिलों में आठ परीक्षार्थी अनुचित साधन प्रयोग करते रंगेहाथ पकड़े गये थे। इस बार एकमात्र बालिका के साथ ऊधमसिंहनगर में हाईस्कूल के तीन परीक्षार्थी तो अल्मोड़ा का इंटर का एक परीक्षार्थी, रूद्रप्रयाग इंटर का एक परीक्षार्थी जबकि हरिद्वार में इंटर के एक छात्र व एक छात्रा को अनुचित साधन प्रयोग करतें पकड़ा।
रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव वीपी सिमल्टी ने परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए समस्त शिक्षकों, कक्ष परीक्षाकों, कार्मिकों, सचल दलों, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शासन-प्रशासन के अधिकारियों व कार्मिकों को परीक्षा संपन्न होने पर सादर आभार व्यक्त किया।