1962 की वलोंग लड़ाई में शहीद हुए योद्धाओं की प्रतिमा के अनावरण के साक्षी बने 6 कुमाऊं के पूर्व सैनिक ?
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हल्द्वानी। 1962 भारत-चीन युद्ध के शहीदस्थल की मिट्टी और पानी लेकर छह कुमाऊं रेंजीमेट के चार पूर्व सैनिक अरुणाचल से लौट आए हैं। पूर्व सैनिकों ने वलांग में शहीदों की दो प्रतिमाएं भी स्थापित की, जिनका अनावरण लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलीता ने किया।
1962 के युद्ध सेनानी कैप्टन कुंवर सिंह ताकुली के साथ गौरव सेनानी संगठन के संरक्षक पूर्व सैनिक पुष्कर सिंह डसीला, हरीश गिरी और राजेंद्र सिंह परगाई 30 नवंबर को अरुणाचल के वलांग शहीद स्थल पर गए थे। इस मौके पर जनरल अफसर इन कमांडिंग और कर्नल ऑफ दी कुमाऊं के साथ नागा रेजीमेंट के अधिकारी भी मौजूद थे।
बताया गया कि कैप्टन कुंवर सिंह ताकुली 1962 युद्ध के साक्षी रहे हैं। उन्होंने युद्ध भूमि पर 58 साल बाद अपना सिर नवाया। हल्द्वानी आने पर गौरव कल्याण समिति ने सभी सदस्यों का मुखानी क्षेत्र के एक बैंक्वेट हाल में स्वागत किया।
इस मौके पर सूबेदार मेजर महेश नेगी, राजेंद्र सिंह महरा, कैप्टन बीसी पाठक, सूबेदार प्रकाश चंद्र डूंगराकोटी, नायब सूबेदार रविंद्र सिंह बिष्ट, ऑनरेरी कैप्टन हयात सिंह, सूबेदार रेवाधर पांडे आदि पूर्व सैनिक मौजूद थे।