हल्द्वानी में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का टीवी से चिपकने का मौका अर्से बाद बृहस्पतिवार को आया। ऐसा हुआ भारतीय सेना और उसकी मिसाइलों के पाकिस्तान के खिलाफ चौके-छक्के देखने के लिए। बीच-बीच में दिलों की धड़कनें भी तेज हुईं, मगर एक के बाद पराक्रम की खबरें झूमने का मौका देती रहीं। पूर्ण युद्ध की आशंका के बीच यह जानने में ज्यादा दिलचस्पी थी कि दोनों देशों के अंदर क्या चल रहा है।
रात को शहर की सड़कों पर अन्य दिनों की अपेक्षा चहलपहल ज्यादा दिखी। जो घरों से बाहर थे, उनमें से ज्यादातर के हाथ में मोबाइल की स्क्रीन पर कोई न कोई न्यूज चैनल ही चल रहा था। वहीं लोगों के घरों में रहकर टीवी देखने से मोहल्ले-कॉलोनी की सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। पुलिस ने भी गश्त तेज कर दी। रात दस बजे रामपुर रोड से लेकर एसटीएच तक सड़क आम दिनों तक की ही तरह दिखी। एसटीएच के पास भीड़भाड़ दिखी तो रेस्टोरेंट में भी लोग ठहरे हुए नजर आए। काठगोदाम से लेकर मंडी तक भी खूब चहलपहल रही। वहीं बनभूलपुरा से मुखानी तक भी जोश में बातें करते नजर आए।
एयर स्ट्राइक के जरिये पाकिस्तान के कई आतंकियों को मारने वाली भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को देखने-जानने का अवसर मंगलवार की देर रात से शुरू हो गया था। बुधवार को सरकार की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने के बाद से लोग खुश हो गए थे। हरेक की जुबां पर पीएम मोदी का नाम सुनाई देने लगा। अगला दिन आते ही जब यह खबर मिली कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है तो लोग कहने लगे कि अभी कुछ और बड़ा होगा। दोपहर से इसकी खबरें मिलने लगीं। फिर तो सारे कामकाज छोड़कर लोग खबरें जानने पर ही लग गए। लाहौर में सेना के डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त करने के बाद सेना ने जम्मू, पठानकोठ और जैसलमेर में पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराए जाने से लोग झूम उठे। रात होते-होते पाकिस्तान की बर्बादी की लगातार मिल रही खबरों ने लोगों को देर रात तक जगाए रखा।
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