नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य की शैक्षणिक चुनौतियों का सामना करने के लिए भौतिकी विभाग के डॉ. नंदन सिंह बिष्ट को उप परीक्षा नियंत्रक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. बिष्ट ने कहा कि उनका प्रमुख लक्ष्य विश्वविद्यालय की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं को पूर्व निर्धारित अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप आयोजित करना है ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र विलंबित न हो। अक्सर यह देखा गया है कि परीक्षाओं के बाद परिणामों की घोषणा में काफी समय लग जाता है जिससे छात्रों के आगे के प्रवेश या कॅरिअर की संभावनाएं प्रभावित होती हैं। डॉ. बिष्ट ने आश्वासन दिया है कि उनकी कार्ययोजना का मुख्य हिस्सा मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और परिणामों में होने वाली देरी को न्यूनतम करना होगा।