हल्द्वानी। यूओयू और कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया के संयोजन में ग्रेजुएट इम्प्लायबिलिटी एंड रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई। इसमें वक्ताओं ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रणालियों में परिणामोन्मुखी, कौशल-समेकित दृष्टिकोण की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया। कुलपति प्रो.डॉ. नवीन चंद लोहनी ने लचीले, कौशल-उन्मुख पाठ्यक्रमों के डिजाइन पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. राजेश पी ने बताया कि वर्तमान समय में व्यावहारिक कौशल, कार्यस्थल दक्षता एवं मॉड्यूलर पाठ्यक्रमों की मांग तीव्र है। अकादमिक निदेशक पीडी पंत ने बताया यह पहल यूओयू के शैक्षणिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता, प्रासंगिकता एवं रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई है। डॉ. बी शद्रक ने भी विचार रखे। संचालन सचिव डॉ. गोपाल दत्त ने किया। इस दौरान पाठ्यक्रम मूल्यांकन, योग्यता-आधारित डिजाइन, पाठ्यचर्या संवर्द्धन सहित विविध विषयों पर मंथन हुआ। वहां डॉ. विशाल कुमार शर्मा आदि थे।