गोला गेट में हाथियों द्वारा तोड़ी गई मजदूरों की झोपडियां।
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लालकुआं (नैनीताल)। बुधवार को गौला नदी के किनारे झोपड़ी में सो रहे खनन मजदूर को हाथी ने मार डाला था। इसके बाद हाथियों के झुंड ने बृहस्पतिवार देर रात हल्दूचौड़ और बेरीपड़ाव खनन निकासी गेट पर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने गांव किनारे वन भूमि में झोपड़ी बनाकर रह रहे मजदूरों की झुग्गियों को तहस नहस कर दिया। हाथियों को सामने देखकर भयभीत खनन मजदूरों ने भागकर जान बचाई।
चार हाथियों के झुंड ने बृहस्पतिवार की देर रात हल्दूचौड़ और बेरीपड़ाव के खनन निकासी गेट पर मजदूरों की झोपड़ियों में धावा बोला। हाथियों ने 12 से अधिक झोपड़ियों को तहस-नहस कर वहां रखे खाद्य सामग्री को बर्बाद कर दिया। हाथियों के हमले से दोनों निकासी गेटों पर मजदूरों में भगदड़ मच गई। आबादी की ओर आए मजदूरों को स्थानीय लोगों ने अपने घरों में शरण दी।
हाथियों के आतंक से क्षेत्रवासियों में दहशत है। ग्रामीण अनिल भट्ट ने बताया कि हाथियों के हमले के बाद 24 मजदूरों को उन्होंने अपने घर में शरण दी है। गौला रेंज के डिप्टी रेंजर प्रमोद बिष्ट ने बताया कि दोनों गेटों पर हाथियों ने कई झोपड़ियों को तहस-नहस कर दिया है। इसके अलावा हाथियों के झुंड ने बरेली रोड के बच्चीधर्मा समेत कई गांव में फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।