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गौला खनन गेटों के इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों को लेकर बखेड़ा

Wed, 20 Sep 2017 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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गौला खनन गेटों के इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों को लेकर बखेड़ा - फोटो : अमर उजाला
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गौला नदी के खनन गेटों पर इलेक्ट्रॉनिक तौला कांटों की निविदा में धांधली की शिकायत को लेकर ठेकेदारों ने वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक के दफ्तर में हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने लाखों रुपये लेकर निविदा के दस्तावेजों में हेरफेर कर अयोग्य कंपनियों को भी योग्य कर दिया और योग्य को बाहर कर दिया।
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उनकी अधिकारियों से नोकझोंक हो गई। नौबत मारपीट तक पहुंची तो पुलिस भी बुला ली गई। गौला नदी में 11 गेटों से 7500 वाहनों के जरिए खनन किया जाता है। इन गेटों पर खनन वाहनों के तुलाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगाए जाते हैं।

पिछली बार यह ठेका नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा के पास था जो इस वर्ष समाप्त हो गया। इस साल इन कांटों को लेकर वन विकास निगम ने तकनीकी निविदाएं आमंत्रित की थी। 18 सितंबर को वानिकी प्रशिक्षण अकादमी के शताब्दी भवन में तकनीकी निविदाएं आमंत्रित की गई थी।
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इनमें 11 कंपनी ने निविदाएं डाली। निगम अधिकारियों ने शाम को ही पांच कंपनियों को दस्तावेज पूरे नहीं होे पर तत्काल निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया था। देर रात तक हुई दस्तावेजों की जांच में सिर्फ चार कंपनियां जेपी स्टोन, एलएससी इंफ्राटेक, नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा और हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा को ही योग्य बताया।

इधर मंगलवार को इन कंपनियों के योग्य करार दिए जाने पर हंगामा हो गया। बाहर की गई कंपनियों जिला श्रम निर्माण एवं विपणन सहकारी संघ और भाईजी  के ठेकेदारों ने निविदा में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।

आरोप लगाया कि लंबे समय से वन अधिकारी एक ही कंपनी को ठेका दे रहे हैं अब भी इसी कंपनी को ठेका देने पर आमदा है। जिन कंपनियों के पास दस्तावेज ही पूरे नहीं थे लाखों रुपये लेकर उन्हें योग्य करार दे दिया। ठेकेदारों ने कहा कि यदि निविदा निरस्त नहीं हुई तो हाइकोर्ट की शरण ली जाएगी।

इस दौरान डीएलएम केएस रावत, सहायक लेखा प्रबंधक बीएस नेगी, सोनू बगड़वाल, ललित रौतेला, शिव बहादुर सिंह, मुकेश बगड़वाल, हेम दुर्गापाल, गोविंद बगड़वाल आदि मौजूद थे। 

ठेकेदारों ने लगाए ये आरोप 

एलएससी इंफ्राटेक और नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा पर भाग तीन नहीं होने के बाद भी योग्य दिया जबकि निविदा में भाग तीन अनिवार्य था
जेपी स्टोन क्रशर पर सदस्यों की सूची नहीं होने के बाद भी कर दिया योग्य
हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा के दस्तावेजों एक सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न नहीं होने पर भी बताया योग्य
एफटीआई में निविदा हुई तो बिना सील किए दस्तावेज वन निगम दफ्तर क्यों ले जाए गए
निविदा में 19 सितंबर को सुबह 11 बजे पास कंपनियों की सूची चस्पा करनी थी तो एक दिन पूर्व ही क्यों खोल दी गई 
निविदा प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग क्यों नहीं दिखाई जा रही है

देहरादून में है खनन के खेल का मास्टर माइंड 

सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल का मास्टर माइंड देहरादून का एक अफसर है। इस अफसर पर कई घोटालों के आरोप लगे भी हैं। पूर्व में कर्मियों ने इसे हटाने की भी मांग की थी लेकिन उनकी कुर्सी सलामत है। वह खनन में काली कमाई को लेकर सेटिंग करने में माहिर है। अवैध खनन में शामिल एक कंपनी इस अधिकारी के परिचित की बताई जाती है।

सरकार के मंत्री कहते हैं कि जीरो टालरेंस की सरकार मगर अफसरशाही पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है। सरकार को चाहिए कि निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से निविदा प्रक्रिया संपन्न कराए। -इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष हल्द्वानी 


आला अफसरों को इसकी सूचना दी जाएगी, जो निर्देश प्राप्त होंगे उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल ठेकेदारों की शिकायतों की भी जांच की जाएगी। - एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक, वन विकास निगम 
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