2017 को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनावी मोड पर आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को टनकपुर और नानकमता में जनसंवाद किया तो हल्द्वानी में कहा कि नए वित्तीय वर्ष में जनता पर कोई नया कर नहीं लगेगा। चुनावी वर्ष के लिहाज से 2016 का बजट अहम होगा।
वित्त मंत्री से चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए 2017-2018 का बजट बनाने को कहा है ताकि नई सरकार बनने के बाद बजट को लेकर कोई समस्या न आए। आबकारी और खनन से इस बार राजस्व कम मिलने की उम्मीद है हालांकि सरकार को अन्य मदों से पिछले वर्ष की तुलना में एक हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
रावत बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए केंद्र सरकार से धनराशि नहीं मिली और राज्य सरकार पर पांच सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा है। राज्य सरकार ने कुंभ के लिए शानदार व्यवस्था की है।
केंद्र सरकार पर आत्मनिर्भरता कम करने का प्रयास कर अपने आय के संसाधन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में 15 घंटे बिजली नहीं आती थी और आज 22 घंटे लोगों को बिजली मिल रही है। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों को 24 घंटे बिजली दी जाए। प्रदेश में सड़कों की स्थिति बहुत अच्छी है।
भाजपा से बेहतर काम कर सड़कों को सुधारा गया है। भाजपा के शासन में विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन थे और अब सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य हैं। छह माह के भीतर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर होगी। उन्होंने कहा कि दवा खरीद के लिए नया नियम शीघ्र ही लागू करने जा रहे हैं और जेनेरिक दवाओं की खरीद जल्द शुरू होगी।
जेनेरिक दवाएं न खरीदने पर एनएचएम के तहत मिलने वाली राशि का नुकसान सरकार को उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में कीड़े की दवा खाकर बीमार होने वाले बच्चों का सरकार इलाज करा रही है साथ ही जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी होगा उसे बक्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी उनसे गाली-गलौज की संस्कृति न सीखें। एक सवाल के जवाब में कहा कि राजनीति में अच्छा काम और अच्छी बात सीखने से कभी गुरेज नहीं करना चाहिए।
भाजपा का अगर आरोप है कि जनचेतना रैली को देखकर जनसंवाद शुरू किया है तो कोई बुराई नहीं है। हम जनता से बात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विपक्षियों से अच्छी बात तो सीखनी चाहिए मगर भट्ट की गाली-गलौज वाली संस्कृति नहीं सीखनी चाहिए।
हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को दुनिया में पहचान दिलाने के लिए द ग्रेट खली के शो के बाद एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि दुनिया को पता चल सके कि उत्तराखंड में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं। उन्होंने कहा कि मेरी एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर से बात हुई है।
स्टेडियम को प्रमोट करने के लिए जल्द ही क्रिकेट मैच का आयोजन कराया जाएगा। सरकार का फोकस इस बात पर है कि ग्रामीण स्तरीय खेलों को भी महत्व दिया जाए। 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में हल्द्वानी की प्रतिभा उभर सके।
नानीसार में हो रहे विरोध से मुख्यमंत्री हरीश रावत बेहद आहत दिखे। कहा कि भीमताल में वैनेगर फैक्ट्री बिना लोगों के सहमति के नहीं लगेगी।
उन्होंने कहा कि बिना निजी पूंजी के विकास संभव नहीं है और विकास के लिए प्राइवेट सेक्टर को जमीन देनी होगी। सरकारों ने अगर इतना विकास किया होता तो पहाड़ से पलायन नहीं होता।
नानीसार के लोग अगर सामूहिक रूप से लिखकर देते हैं कि उन्हें प्रोजेक्ट मंजूर नहीं तो सरकार अपनी ओर से कोई योजना नहीं थोपेगी। नानीसार के लोग विरोध की राजनीति कर रहे चंद लोगों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि पौड़ी में लोगों ने सहयोग किया और विश्वविद्यालय खोलने में सफल रहे।
अल्मोड़ा में निजी कंपनी के सहयोग से एक तकनीकी विश्वविद्यालय खोलने पर विचार चल रहा है मगर फैसला लोगों से पूछकर ही लिया जाएगा। लोगों ने अगर विरोध किया तो विश्वविद्यालय नहीं खोलेंगे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय फलों एवं आलू के आधार पर भीमताल में वैनेगर फैक्ट्री लगाने की योजना है।
प्रशासन लोगों से बात करेगा। लोगों ने अगर विरोध किया तो सरकार जबरन फैक्ट्री नहीं लगाएंगी। रावत ने कहा कि प्रदेश के लोगों को समझना होगा कि निजी पूंजी के बिना विकास संभव नहीं है और फैक्ट्री या अन्य विकास कार्यों के लिए जमीन तो देनी ही होगी।
रावत ने पौड़ी में टूटे पुल के बारे में कहा कि पुल और सुरंग निर्माण के लिए कारपोरेशन का गठन कर दिया है। अब पुल और सुरंग निर्माण का काम कारपोरेशन करेगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 2017 में कांग्रेस को रोकने वाला कोई नहीं है। विपक्ष के पास न एजेंडा और न सोच। कांग्रेस की सरकार में बेहतर विकास कार्य हुए हैं। बेहतर सरकार, अच्छा एजेंडा और विकास का विजन कांग्रेस को जीत दिलाएगा। कांग्रेस की राह रोकने वाला कोई नहीं है।