हल्द्वानी। ‘देवी भगवती मैया, दैण है जाए मैया, दैण होया खोली का गणेश, दैण होया मोरी का नरैंण’ देव आराधना की सुंदर प्रस्तुति के साथ एमबी इंटर कॉलेज मैदान में शनिवार को दो दिवसीय जोहार महोत्सव का रंगारंग आगाज हो गया। कुमाऊंनी लोक गायकों ने जहां श्रोताओं और दर्शकों को झूमने को मजबूर किया वहीं जागर गायिका पद्मश्री बसंती देवी ने लोगों को जागर सुनाकर अभिभूत कर दिया। एमबी इंटर कॉलेज मैदान में परंपरागत पोशाकों से सजे जोहार समाज की महिलाओं, पुरुषों, बच्चों को देखकर ऐसा लगा मानो समूचा जोहार भाबर में उतरकर ‘सार संसार, एक मुनस्यार’ की कहावत को चरितार्थ कर रहा हो।
सुबह जोहार जनमिलन केंद्र से कार्यक्रम स्थल एमबी इंटर कॉलेज मैदान तक जोहार और रं समाज की महिलाओं, पुरुषों, बच्चों की परंपरागत वेशभूषा में झांकी निकाली गई। यह झांकी जोहार और रं समाज की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर रही थी। मंच पर मुख्य अतिथि मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने दीप जलाकर महोत्सव का उद्घाटन किया। दिन में जोहार के कलाकारों और लोक गायकों ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी। जोहार और रं समाज की महिलाओं ने मुख्य मंच में देव स्तुति के साथ परंपरागत वेशभूषा में नृत्य किया।
कुमाऊंनी गायक प्रह्लाद मेहरा के एजा रे एजा मेरो दानपुरा, छबीलो मयाला रंगीलो मेरा दानपुरा गीत ने महोत्सव में चार चांद लगा दिए। ओ हिमा जाग अरे काछुं तेरो जलेबी का डब सुनकर लोग झूम उठे। गीतकार कैलाश कुमार ने रंगीलो मेरा मुनस्यारा, आहा रे मेरो जोहारा, खिड़की मैं भै रोली, छुट्टी ऊंला बट-बटा चै रोली आदि गीत गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। रं और जोहार समाज की महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य से वाहवाही लूटी। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर जारी रहा।
निगम हर वर्ष महोत्सव के लिए देगा एक लाख रुपये
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला ने कहा कि जोहार महोत्सव हल्द्वानी की पहचान बन चुका है। उन्होंने इसी वर्ष से अब हर साल महोत्सव के लिए निगम की ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने जोहार मिलन केंद्र के नवीनीकरण के लिए भी पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
जोहार संस्कृति को बचाने का संदेश देती ‘मनौती’ पुस्तक का विमोचन
हल्द्वानी। जोहार महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक गजेंद्र सिंह पांगती लिखित पुस्तक ‘मनौती’ का विमोचन किया गया। गजेंद्र पांगती ने बताया कि जोहार महोत्सव संस्कृति को बचाने का बेहतर आयोजन है। इसने लोगों को जोड़ने का काम किया है। जोहारी संस्कृति अपने आप में अतुलनीय है। जोहार घाटी के लोगों ने इसे संजो कर रखा है। जोहारी शौका समाज ने हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गजेंद्र पांगती ने कहा कि ‘मनौती’ पुस्तक जोहारी संस्कृति पर आधारित पुस्तक है। इसमें जोहार घाटी का वर्णन किया है। जोहार संस्कृति संस्कृति एवं वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह पांगती ने कहा कि कोरोना के कारण दो साल महोत्सव का आयोजन नहीं हो सका। यह मेला जोहार घाटी के लोगों को एकत्रित करता है। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अपनी संस्कृति को संरक्षित करना है। लोक गायिका कविता जोशी ने सुरीले कुमाऊंनी गीत पेश किए।
गायिका कविता जोशी ने सुरीले गीत पेश कर सभी का दिल जीत लिया। सांस्कृतिक संध्या में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने एकल एवं समूह नृत्य-गायन, नाटक इत्यादि का मंचन किया। कुमाऊं और गढ़वाल के प्रख्यात कलाकारों ने मेले के पहले दिन रंग जमाया। इस बीच महिलाओं ने जोहार घाटी के प्रमुख वेषभूषा कामला-घागरा पहनकर महोत्सव में सिरकत की। दोपहर के कार्यक्रमों का संचालन लक्ष्मण सिंह लछबू, नवीन टोलिया, नीरज टोलिया, हिमाद्रि बृजवाल ने किया।
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मडुवे की रोटी, तिमूर की चटनी का लिया स्वाद
एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव के दौरान लोगों ने मैदान में लगे अलग-अलग स्टॉलों पर जोहार घाटी के व्यंजनों का स्वाद लिया। महोत्सव में आए मेलार्थियों ने गीमा गरजी, शिकार भात, मछली भात, भुटुवा, मडुवे की रोटी, तिमूर की चटनी, सना नीबू, कुकला, मोमो आदि व्यंजनों का स्वाद लिया।
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जोहारी समाज के लगे थे स्टॉल, हुई खरीदारी
जोहार महोत्सव में विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। खरीदारी के लिए ऊनी स्वेटर, कोट, वास्कट, मोदी टोपी, पहाड़ी टोपी, लेडीज सूट, लेडी स्टॉल, जड़ी-बूटी आदि को स्टॉल पर सजाकर रखा गया है। शनिवार को पहले दिन लोगों ने खरीदारी भी की। बॉटनिकल प्रिटिंग (पेड़, पत्तों, फूल पौधो के प्रिंट) से बनाए वस्त्र आकर्षण केंद्र रहे।
जोहार महोत्सव ये रहे मौजूद
रात में महोत्सव के मुख्य अतिथि हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, संरक्षक गजेंद्र सिंह पांगती, देवेंद्र धर्मुशक्तू, अध्यक्ष भूपेंद्र पांगती, महासचिव धीरेंद्र पांगती, उपाध्यक्ष पुरमल मर्तोलिया, कोषाध्यक्ष धाम सिंह मर्तोलिया, भरत रावत, सुरेंद्र धर्मशक्तू, लवराज माडवाल, सुरेश मर्तोलिया, धीरू धर्मशक्तू, कैलाश धर्मशक्तू, गणेश मर्तोलिया, पंकज रावत आदि।
जोहार महोत्सव हमारी संस्कृति का अद्भुत खजाना: हरीश रावत
हल्द्वानी। एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित जोहार महोत्सव के पहले दिन पूर्व सीएम और धारचूला के पूर्व विधायक हरीश रावत ने अचानक शिरकत की। मेले में लगे स्टॉलों का भ्रमण किया। जोहार घाटी की चटनी और जड़ी-बूटी का स्वाद लिया। वहां के पकवानों की तारीफ की। लेह बेरी को कैंसर रोधी और तिमूर को स्वास्थ्य वर्धक बताया। कहा कि जोहार महोत्सव हमारी संस्कृति का अद्भुत खजाना है। अधिक से अधिक लोगों को इस मेले में शामिल होना चाहिए। इस दौरान रावत को अचानक देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। जोहार संस्कृति एवं वेलफेयर सोसायटी के लोगों ने पुष्प गुच्छ भेंट किया। उनके प्रशंसकों ने सेल्फी ली। सीएम ने हर स्टॉल पर जाकर जोहार घाटी के उत्पादों की जानकारी ली। स्टॉलों के भ्रमण के बाद वह चले गए। संवाद
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में पहूंचे विधायक सुमित ह्दयेश लोगों को सं?- फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में गजेन्द्र सिंह पांगती की पुस्तक मनौती द?
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में निकली शोभायात्रा में शामिल रं समाज की म
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में निकली शोभायात्रा में शामिल शौका महिला?
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में निकली शोभायात्रा में शामिल नन्ही शोका ?
हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जोहार महोत्सव 2022 में निकली शोभायात्रा में शामिल शोका महिला?