प्रशासन ने छठ महापर्व के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल के पास की नहर में गंदा पानी छोड़े जाने के मामले में सिंचाई एवं जल संस्थान के अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें दो दिन में संतोषजनक जवाब देना होगा, नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
छठ महापर्व पर सुशीला तिवारी अस्पताल के समीप स्थित नहर में गंदा पानी छोड़ने के मामले में प्रशासन ने सिंचाई विभाग और जल संस्थान के अधिशासी अभियंताओं से जवाब तलब किया है। दो दिन के भीतर प्रशासन को बताना होगा कि महापर्व के मौके पर नहर में गंदा पानी किसने और क्यों छोड़ा। उत्तर संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित विभागों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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27 अक्तूबर को छठ के मौके पर जब पूर्वांचल समाज की सैकड़ों महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देने के लिए रामपुर रोड स्थित छठ पूजा स्थल पर जुटी थी, तभी नहर में कीचड़युक्त पानी बहने लगा। इससे पहले सुबह से ही नहर में साफ पानी का प्रवाह हो रहा था। ऐसे में महिलाओं को नहर में बह रहे गंदे पानी में खड़े होकर ही सूर्य को अर्घ्य देना पड़ा था। इसे लेकर छठ महासभा और पूर्वांचल समाज के लोगों में गुस्सा था।
अमर उजाला ने 28 अक्तूबर के अंक में इस समाचार को छठ व्रतियों के साथ नहर में कीचड़ वाला पानी छोड़कर सिस्टम ने किया छल शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान को मामले की जांच सौंपी।
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6 छठ महापर्व के मौके पर नहर में गंदा पानी छोड़ने के मामले में सिंचाई विभाग और जल संस्थान दोनों के ही अधिशासी अभियंताओं का जवाब तलब किया है। उन्हें दो दिन में इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। दो दिन के भीतर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो संबंधित विभागों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - गोपाल सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट