हाईकोर्ट ने शिक्षा आचार्यों को शिक्षा मित्रों के रूप में समायोजित करने के मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 दिसंबर की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार पूर्व में चंपावत निवासी चंपा अधिकारी और अन्य ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि सरकार की ओर से 19 नवंबर, 2010 को शासनादेश जारी कर कहा गया था कि 1170 स्नातक योग्यता धारक शिक्षा आचार्यों को शिक्षा मित्रों के रूप में समायोजित किया जाएगा, किंतु नहीं किया गया।
इस प्रकरण में एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को शिक्षा मित्र के रूप में नियुक्त करने के आदेश पारित किया था। एकलपीठ के इस आदेश को सरकार की ओर से स्पेशल अपील दायर कर चुनौती दी गई थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 3 दिसंबर की तिथि नियत की।