हल्द्वानी। अभिभावकों से बच्चों के दाखिले के समय मेडिकल सर्टिफिकेट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट समेत कई कागजात मांगने के मामले में पब्लिक स्कूल द्वारा नोटिस के दिए गए जवाब से शिक्षा विभाग संतुष्ट नहीं है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से पूछा है कि यह स्पष्ट किया जाए कि बच्चे के एडमिशन चार्जेज के रूप में 20 हजार रुपये किस आधार पर किस नियम के तहत लिए जा रहे हैं इस बिंदु का स्पष्ट जवाब चाहिए। इधर, स्कूल प्रबंधन द्वारा नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर शिक्षा विभाग कार्रवाई कर सकता है।
नैनीताल रोड स्थित सीबीएसई से जुड़े एक पब्लिक स्कूल में नये शिक्षा सत्र के लिए यूकेजी, कक्षा एक से लेकर विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के समय अभिभावकों से बच्चे का मेडिकल सर्टिफिकेट, जन्म के समय बच्चे के कौन - कौन सी बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीनेशन हुआ उसका सर्टिफिकेट मांगा गया था। स्कूल पर यह भी आरोप है कि अभिभावकों से बच्चे के दाखिले के समय फीस के अलावा दाखिला शुल्क के रूप में 20 से 22 हजार रुपये का ड्राफ्ट भी मांगा गया। कुछ अभिभावकों की शिकायत मिलने पर विगत दिवस शिक्षा विभाग ने पब्लिक स्कूल प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया था।
खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्र ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने नोटिस का जवाब तो दिया मगर कई बिंदुओं पर स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल की ओर से बताया गया है कि प्रवेश के दौरान टीसी शिक्षा विभाग द्वारा सत्यापित, हैल्थ फिटनेस सर्टिफिकेट, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट तथा ब्लड ग्रुप सर्टिफिकेट की अनिवार्यता जैसा कोई नियम नहीं है जो अभिभावक देना चाहें दे सकते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल से पुन: यह पूछा गया है कि स्कूल द्वारा किन - किन मदों के सापेक्ष फीस ली जा रही है तथा एडमिशन चार्जेज के रूप में 20 से 22 हजार रुपये किस नियम के तहत लिए जा रहे हैं इसे भी स्पष्ट किया जाए तथा संतोषजनक स्पष्टीकरण न आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।