कानून व्यवस्था के लिए सड़क पर एक नया मोर्चा खुल गया है। शुक्रवार दोपहर सवारियों को लेकर आटो चालक और ई-रिक्शा चालक रोडवेज के सामने भिड़ गए। इसके बाद ई-रिक्शा चालकों ने संचालन ठप कर दिया और आटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाल के पास पहुंचे।
आरोप लगाया कि आटो चालक जबरदस्ती ई-रिक्शा से सवारियां उतार रहे हैं। कोतवाल ने आटो चालकों को विवाद नहीं करने की सलाह दी। पुलिस से सहयोग का आश्वासन मिलने के बाद ई-रिक्शा चालकों ने संचालन शुरू कर दिया। ई-रिक्शा चलाने वाले नूरी मस्जिद इंदिरानगर निवासी मोहम्मद जाहिद ने कोतवाली पहुंचकर बताया कि कुछ आटो चालकों ने उनके वाहन से जबरदस्ती सवारियों को उतारा।
विरोध करने पर वह मारपीट पर उतारू हो गए। आटो चालकों की दबंगई के चलते उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। कोतवाल ने इस मामले में अन्य ई-रिक्शा चालकों सिकंदर, नासिर, आरिफ, परमपाल सिंह, सुधीर की समस्याएं भी सुनी और आटो चालकों को दबंगई नहीं करने की हिदायत दी।