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Nainital News: विभागों की अनदेखी से शिप्रा नदी के सौंदर्य को लग गई नजर

Tue, 25 Mar 2025 02:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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हल्द्वानी। शिप्रा नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में सरकारी विभागों की अनदेखी सबसे बड़ा रोड़ा है। नदी में गिर रहे सीवरेज को रोकने के साथ ही रिचार्ज प्वाइंट सक्रिय करने से नदी में स्वच्छ जल पहुंचेगा पर सिंचाई विभाग और जल संस्थान के इस ओर ध्यान नहीं देने से नदी का अस्तित्व खतरे में आ गया है।
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श्यामखेत के जंगल से निकलकर कैंची धाम होते हुए भवाली के रास्ते आगे बढ़कर कोसी में मिलने होने वाली शिप्रा नदी 25 किलोमीटर का सफर तय करती है। बीते दो दशक से इस नदी का पानी का स्तर घटा है। नदी में सीवरेज की निकासी सबसे ज्यादा है। भवाली के सैकड़ों घर, होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट का सीवरेज नदी को दूषित कर रहा है।

रिचार्ज प्वाइंट पर ध्यान न देने से नदी में पानी का बहाव भी कम होता जा रहा है। न सरकारें नदी को बचाने के लिए गंभीर हैं और न ही विभाग।

सीवरेज रोकने का काम जल संस्थान का है लेकिन भवाली में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर ठोस कार्ययोजना नहीं बन सकी है। नदी के रिचार्ज प्वाइंट को फिर से जीवित करने की दिशा में भी काम नहीं हो रहा है। हालांकि बरसात के दौरान नदी पुराने स्वरूप में लौटती है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर नाले में तब्दील हो जाती है। वर्ष 2013 और फिर 2021 में भारी बारिश होने पर बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना बनाई गई। गरमपानी से खैरना के बीच सुरक्षा दीवार बनाने पर सात करोड़ रुपये खर्च भी हुए लेकिन नदी के संरक्षण के अन्य कोई कार्य नहीं हुए। सिंचाई विभाग के एई नीरज तिवारी ने कहा कि गरमपानी से खैरना के बीच सुरक्षा दीवार का काम पूरा हो चुका है। नदी में सीवरेज का पानी जाने से रोकने की जिम्मेदारी दूसरे विभाग की है।
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सवाल अब भी बरकरार

- सीवरेज रोकने को कोई ठोस योजना नहीं

- नदी को साफ करने के लिए योजना नहीं

- नदी के रिचार्ज प्वाइंट के लिए धन नहीं

- नदी की सीमा पर हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करने की योजना नहीं

- नदी के रास्ते पर बन गए सीवर के गड्ढे



वर्जन



शिप्रा नदी में पानी की उपलब्धता के लिए सिंचाई विभाग के पास कोई प्रोजेक्ट है या नहीं, इसे फाइल का अवलोकन करने के बाद ही हो सकता है। यदि प्रस्ताव भेजा गया होगा तो उस पर विचार किया जाएगा।

बृजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड नैनीताल



वर्जन

सीवरेज का पानी नदी में जाने को लेकर विभाग गंभीर है। भवाली में जल्द ही पीसीबी की टीम भेजी जाएगी। टीम वहां पर सर्वे करेगी और एक-एक कर उन सभी लोगों को नोटिस जारी होगा जो नदी को दूषित करने का कार्य कर रहे हैं।
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अनुराग नेगी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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