नैनीताल/भीमताल। लंबे समय से बारिश न होने के कारण नैनीताल और आसपास की झीलों का जलस्तर घटने लगा है और झीलों के किनारे डेल्टा नजर आने लगे हैं। बारिश न हुई तो हालात और चिंताजनक होंगे। भविष्य में इसका असर पर्यटन के साथ पेयजल आपूर्ति पर पड़ना तय है।
बता दें कि नैनीताल, भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल में लंबे समय से बारिश न होने से झीलों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। नैनीझील में झील किनारे डेल्टा नजर आने लगे हैं वहीं भीमताल झील का एक छोर मैदान में तब्दील होता नजर आ रहा है। इससे झीलों की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है। झीलें ही इन क्षेत्रों में पीने के पानी का प्रमुख स्रोत हैं। हालांकि जल संस्थान झील से सीधे पेयजल आपूर्ति नहीं करता है। अधिकांश जगहों पर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। गिरते जलस्तर से जल संस्थान को भी मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल पाता है।
सिंचाई के लिए छोड़ते हैं पानी
नैनीताल। काश्तकारों की मांग के अनुरूप भीमताल झील से निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। मांग न होने पर गेट बंद कर दिए जाते हैं। अगर बारिश नहीं होती है तो आने वाले समय में किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल सकेगा।
मंगलवार को झीलों का जलस्तर
नैनीताल 11 इंच
भीमताल 35.6 फुट
नौकुचियाताल 10.8 फुट
सातताल 14.7 फुट पानी
वाटरगेज से पता चलता है नैनीझील का जलस्तर
नैनीताल। नैनीझील में स्कैब गेट के पास ही पानी का लेवल नापने के लिए वाटरगेज लगाया हुआ है। वाटरगेज में शून्य से नीचे और ऊपर की ओर इंच और फुट के निशान हैं। जब पानी कम होता है तो उसका स्तर शून्य से नीचे की ओर जाने लगता है। नैनीझील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा के मुताबिक मंगलवार को झील का जलस्तर 11 इंच रिकॉर्ड किया गया।