देश में पहली बार मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले में ड्रोन को उतारा गया है। वन विभाग की टीम ने शिकारी, वन विभाग की टीम के साथ सर्च अभियान चलाने के साथ गन्ने के खेतों में तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन की मदद ली गई है। ड्रोन ने कई हेक्टेयर इलाके को सर्च करने के साथ फोटोग्राफ लिए हैं, लेकिन उसमें तेंदुआ नहीं दिखा है।
रामनगर में तेंदुए के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके बाद से आदमखोर हुए तेंदुए की तलाश की जा रही है। क्षेत्र में गन्ने के बड़े-बड़े खेत हैं, जहां तेंदुआ जैसे वन्यजीव के लिए छिपने और हमला करने दोनों मुफीद हैं।
ऐसे में वन विभाग ने जल्द ही बड़े इलाके में सर्च करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि देश में पहली बार ड्रोन का प्रयोग वन्यजीव की खोजबीन में लगाया गया है।
इससे जल्द ही बड़े इलाके का खंगाला जा सकता है, ड्रोन से तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत रामनगर के भवानीपुर, धनपुर घासी समेत आसपास के करीब 10 से 12 हेक्टेयर इलाके में गन्ने के खेत, नालों आदि को कवर करने के साथ ड्रोन ने तस्वीर दी है।
इन तस्वीर में तेंदुआ नहीं दिखा है। अब दूसरे इलाके में फोकस किया गया है। गश्ती टीम, शिकारियों को भी खोजबीन में समानांतर लगाया गया है। पिंजरा भी लगाया गया है। सुरक्षा को लेकर सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।