हल्द्वानी में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को बेहतर कंप्टीशन नहीं मिल पा रहा है। एक खिलाड़ी को आगे बढ़ने के लिए टैलेंट के साथ-साथ कंप्टीशन भी मिलना चाहिए। डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट आयोजित कर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराए।
उत्तराखंड में देहरादून और काशीपुर में साई के दो सेंटर है। हल्द्वानी में भी साई का सेंटर खुलना चाहिए, लेकिन इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजना होगा, जिसके बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
अमर उजाला की ओर से ऑरम ग्लोबल स्कूल में आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता के दौरान भारतीय टीम के चीफ कोच भवानी मुखर्जी ने कहा कि यदि हमें अपने टैलेंट को आगे बढ़ाना है तो पहले हमें अपना घर सुधारना होगा।
घर सुधारने से मतलब, जैसे अमर उजाला और ऑरम स्कूल ने बच्चों को बेहतर प्लेटफार्म देने का प्रयास किया है तो हमारी डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन ऐसा ही प्रयास क्यों नहीं करती। जब हमारे बच्चे डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट ही नहीं खेलेंगे तो कैसे वो स्टेट और फिर नेशनल में हिस्सा ले पाएंगे।
इसके लिए हमें खुद ही प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि आपस की लड़ाई को छोड़कर डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन को आगे आकर टूर्नामेंट आयोजित कराने चाहिए, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिले। देहरादून और काशीपुर में साई सेंटर खुलने से वहां से टीटी का काफी टैलेंट निकल रहा है।
हम भी चाहते हैं कि हल्द्वानी में भी साई का सेंटर खुले, लेकिन इसके लिए रिजनल डायरेक्टर लखनऊ को डिमांड भेजनी होगी। वहां से कोई अधिकारी आकर यहां की व्यवस्थाएं देखेगा, इसके बाद डिमांड दिल्ली भेजी जाएगी। जिसके बाद हल्द्वानी में साई कोच की तैनाती हो सकती है।
द्रोणाचार्य अवार्डी भवानी मुखर्जी बताते हैं कि इस बार बड़ी संख्या में साई कोचों की तैनाती की गई, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इसमें टीटी का कोई भी कोच नहीं था। जब उन्होंने इस बारे में जानकारी ली तो पता चला कि कहीं से भी टीटी की डिमांड नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जल्द ही आईपीएल की तरह ही टीटी की लीग आयोजित होगी। जिसमें ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा।