जल संस्थान भले ही शुद्ध पानी की सप्लाई कर रहा हो, लेकिन शहर में कई नालियों और गंदगी के बीच से पेयजल लाइन गुजर रही हैं। इनके लीकेज या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में घराें तक दूषित पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
ज्योलीकोट में दूषित जलापूर्ति से लोगों के स्वास्थ्य पर असर के बाद यह तस्वीर शहर की जल वितरण व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा रही है। शहर के टनकपुर रोड, बनभूलपुरा, गांधीनगर, पीलीकोठी, मुखानी आदि क्षेत्रों में पेयजल लाइनें नालियों और उसके आसपास से निकल रही हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार को टनकपुर रोड, पीलीकोठी, नवाबी रोड आदि क्षेत्रों में पड़ताल कर पेयजल लाइनें देखीं। हालांकि जल संस्थान का दावा है कि दूषित पानी की शिकायत मिलने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
पानी की होती है यह जांचें-
जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, लैब में पानी के रंग, टर्बिडिटी, पीएच, टीडीएस, क्षारीयता (एल्केलिनिटी), क्लोराइड, कैल्शियम और मैग्नीशियम की जांच की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल पानी की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप और शुद्ध मिल रही है।
शहर में नालियों से बिछी निजी पाइप लाइनों को शिफ्ट करने के लिए पूर्व में अभियान चलाया गया था। जल संस्थान के पास दूषित जलापूर्ति की शिकायत मिलने पर गंदगी में कनेक्शन मिलने पर काट दिया जाता है। फिल्टर प्लांट से एलएम बढ़ाकर पानी को साफ करने के बाद आपूर्ति की जा रही है।
-रविशंकर लोशाली, अधिशासी अभियंता जल संस्थान