बरसात में गौला नदी में सिल्ट आ जाने से शहर की पेयजल सप्लाई प्रभावित हो जाती है। ऐसी स्थिति में जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को पानी सप्लाई करने के लिए कलशिया गधेरे से योजना बनाने की बात हुई थी। योजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भी भेजा गया था। लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब जलसंस्थान के अधिकारियों को यह भी पता नहीं है कि कभी कलशिया गधेरे से शहर की पेयजल सप्लाई के लिए योजना बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था।
काठगोदाम के निकट कलशिया गधेरा बरसाती गधेरा है। बरसात में गौला में अधिक मात्रा में सिल्ट आ जाने पर शहर की पेयजल सप्लाई ठप हो जाती है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कलशिया गधेरे से पानी टेप कर जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाना था, ताकि गौला की सप्लाई बंद होने पर इस गधेरे से लिए गए पानी से शहर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस गधेरे में छह एमएलडी पानी बताया गया। छह साल पहले यह प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इस संबंध में पूछे जाने पर जलसंस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय कहते हैं कि इस तरह का कोई प्रस्ताव होने की जानकारी नहीं है। दफ्तर में भी इस प्रस्ताव का कोई रिकार्ड नहीं है।