मंगलवार तड़के जमकर बारिश होने से लोगों को भले ही गर्मी से राहत मिली हो लेकिन पूरा शहर जलमग्न हो गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल होने से कालाढूंगी रोड पर पैदल तो दूर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। नाले और नालियां बंद होने से बरेली रोड वालों की सबसे अधिक आफत आई। घरों और दुकानों में पानी घुसने से नुकसान झेलना पड़ा। नगर निगम की टीमों ने बंद नाले और नालियों को खुलवाया।
जून दूसरे पखवाड़े तक उत्तराखंड में मानसून पहुंचेगा। नगर निगम भी अभी हाथ पर हाथ धरे बैठा है। नाले और नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। नालियों पर अतिक्रमण होने से ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल है। हल्की सी बरसात में ही शहर तालाब बन जाता है। मंगलवार तड़के बारिश होने पर बरेली रोड, कालाढूंगी रोड और रामपुर रोड में निकलना मुश्किल हो गया।
कालाढूंगी रोड में पीलीकोठी, मुखानी और कालाढूंगी चौराहा के आसपास पानी भर गया। बरेली रोड में अंबेडकर नगर, गांधी नगर, उजाला नगर, मंडी गेट और इंद्रानगर में गंदा पानी भर गया। रामपुर रोड में नाला कवर होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। दर्जनों लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसा। नगर आयुक्त हरबीर सिंह निगम की टीम लेकर शहर में घूमे और बंद नालों को खोला गया। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. तुहिन कुमार को निर्देश दिए कि सभी बंद नालों को जेसीबी से खोला जाए।