नवी मुंबई। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से नवी मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में राजभाषा गौरव सम्मान प्रदान किया गया। उनके साथ देश भर के 12 अन्य लेखकों को इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। उत्तराखंड से यह सम्मान प्राप्त करने वाले डॉ. तिवारी अकेले हैं। गृहमंत्री अमित शाह की माैजूदगी में उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और एक लाख रुपये की राशि दी गई। संवाद न्यूज एजेंसी से जुड़े डाॅ. तिवारी को यह पुरस्कार उनकी पुस्तक अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. तिवारी को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार ने पुरस्कार प्रदान किया। अमित शाह ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि लेखन और हिंदी के प्रचार में उनका अविस्मरणीय योगदान है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे। संचालन राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने किया।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने बताया उत्तराखंड का गौरव।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को इस पुरस्कार की घोषणा होने पर उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जन. (से. नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने इसे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताते हुए डॉ. तिवारी को बधाई दी। बता दें कि डॉ. गिरीश रंजन तिवारी हिंदी लेखन, पत्रकारिता और हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए इससे पहले अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस के भारतीय दूतावासों, थाईलैंड, सिंगापुर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की ओर से भी पुरस्कृत हो चुके हैं। डाॅ. तिवारी को उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग से आरटीआई अवार्ड, अंतर्राष्ट्रीय भारत सम्मान अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।