प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर निगम क्षेत्र में 244 भवनों के निर्माण की डीपीआर को हरी झंडी मिल गई। योजना के लिए 5379 लोगों ने आवेदन किया था। 244 भवन निर्माण शुरू होने के बाद दूसरे चरण की डीपीआर तैयार होगी। योजना में 2022 तक सबके लिए आवास का लक्ष्य है।
शहरी क्षेत्र की मलिन बस्तियों में रहने वालों के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का आवास बनवा रही है। चयनित आवेदकों को मकान बनाने के लिए अधिकतम दो लाख रुपये या फिर साढ़े छह फीसदी ब्याज दर पर लोन मुहैया कराएगी। योजना में चयनित होने के लिए भवन बनाने को खुद की जमीन होना अनिवार्य है। नगर निगम क्षेत्र में आवास के लिए 5379 लोगों ने आवेदन किए। 25 वार्डों में सबसे अधिक आवेदन वार्ड नंबर दो से हैं।
नगर निगम और हुडको की टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर आवेदन स्वीकृत कर लिए हैं। पहले चरण में 244 भवनों के निर्माण की डीपीआर को स्वीकृति मिल गई है। केेंद्र सरकार से आवास निर्माण के लिए प्रदेश सरकार के खाते में पैसा भी ट्रांसफर हो गया है।
नगर निगम प्रशासन के मुताबिक तीन लाख से कम आमदनी वाले आवेदकों को भवन निर्माण के लिए दो लाख रुपये दिए जाएंगे। इसमें डेढ़ लाख केंद्र और 50 हजार प्रदेश सरकार की सहभागिता रहेगी। तीन से छह लाख रुपये सालाना आमदनी वालों को भवन निर्माण के लिए साढ़े छह फीसदी ब्याज दर बैंकों से लोन स्वीकृत कराया जाएगा।
इन वार्डों में सबसे गरीब
प्रधानमंत्री आवास योजना में वार्ड एक से 140, वार्ड दो 433, वार्ड पांच से 203, वार्ड छह से 139, वार्ड 13 से 160, वार्ड 14 से 345, वार्ड 21 से 454 और वार्ड 24 से 259 लोगों ने भवन बनाने के लिए आवेदन किया है। सबसे कम आठ आवेदन वार्ड 8 और वार्ड 17 से मात्र 10 आवेदन हुए हैं।