काशीपुर में सीएमएस की गिरफ्तारी के विरोध में ओपीडी बंद रखने का निर्णय डाक्टरों ने मानवीय आधार पर बदल दिया। बेस और महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ देख ओपीडी सुचारु रखने का निर्णय लिया गया। ओपीडी में मरीजों की जांच के साथ ही महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड भी किए गए।
प्राइवेट प्रैक्टिस कर रोगी से 350 रुपए फीस लेने के आरोप में पकड़े गए काशीपुर के सीएमएस को फंसाने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) ने सोमवार को भी ओपीडी बंद रखने का ऐलान किया था। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के कुमाऊं सचिव डा. प्रदीप पांडेय ने बताया कि सोमवार सुबह अस्पताल पहुंचने पर मरीज ओपीडी के लिए पर्चे बनवा रहे थे और डाक्टर के चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ थी।
ऐलान के तहत ओपीडी बंद करने का प्रयास किया गया, लेकिन मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। डा. पांडेय ने बताया कि मानवता के आधार पर मरीजों को देखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि बेस और महिला अस्पताल में जांच से लेकर अल्ट्रासाउंड तक हुए। शहर सचिव डा. एलएम रखोलिया ने बताया कि महिला अस्पताल में अल्ट्रासांउड करने वाले मरीजों की भी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि 20 से अधिक महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए गए।