हल्द्वानी। रंगदारी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए दस साल के बालक से महिला पुलिस ने पूछा कि क्या उसे पता था कि उसने डॉक्टर को फोन किया है। इस पर वह बोला कि उसने तो सिर्फ प्रैंक किया था। वैभव अंकल डॉक्टर हैं, यदि दिमाग के डॉक्टर होते तो उसे समझ जाते, गले के डॉक्टर हैं इसलिए मेरे गले पड़ गए। पूछताछ से बच्चा झुंझलाया हुआ लग रहा था।
बालक ने बताया कि वह हापुड़ के एक कान्वेंट स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। हर कक्षा में नंबर वन आने के कारण उसे क्लास टीचर ने हेड ब्वॉय बना दिया। घर में वह मां के मोबाइल पर गेम खेलता है। जिस गेम की कीमत 650 रुपये है, उसे भी वह मुफ्त में डाउनलोड कर लेता है। जो बच्चा गेम में अव्वल नंबर पाता है, उसे मुफ्त में गेम की सुविधा गूगल से मिल जाती है। उसने यह भी बताया कि वह साथियों के साथ फुटबाल खेलना पसंद करता है। उसे दुनिया के जाने-माने खिलाड़ी रोनाल्डो बहुत पसंद हैं। उनकी टीशर्ट का नंबर 07आर है।
इस बीच एक पुलिसकर्मी के कहने पर कुछ ही देर में बालक ने उसका यू-ट्यूब पर चैनल बना दिया। बच्चे की बातों और तकनीकी ज्ञान को देखकर पुलिसकर्मी भी हैरत में पड़ गए। बच्चे के पिता का कहना था कि वह मोबाइल या यू ट्यूब के बारे में अधिक नहीं जानते हैं। वह बेटे को अपना मोबाइल भी नहीं देते हैं लेकिन वह अपनी मां के मोबाइल पर गेम खेलता रहता है।