हल्द्वानी। पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल ने कहा कि गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए काफी काम करने की जरूरत है। इसके लिए निराश न हों, बल्कि धैर्य बनाए रखें। एकजुटता से अभियान चलाया जाएगा तो इसमें सफलता जरूर मिलेगी।
पद्मश्री डॉ. मठपाल पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी भाषा को पढ़ाए जाने और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत कुमाऊंनी भाषा, साहित्य एवं प्रचार समिति और पहरू पत्रिका की ओर से तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
शुक्रवार को हीरानगर स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अनुष्ठान के बाद कुमाऊंनी भाषा के 14वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज हुआ। इस मौके पर छोलिया नृत्य के साथ कुमाऊंनी गीत गाते हुए शोभायात्रा निकाली गई। डॉ. देवसिंह पिलख्वाल की अध्यक्षता में आयोजित पहले सत्र में डॉ. हयात सिंह रावत, डॉ. दिवा भट्ट और नवेंदु मठपाल ने कुमाऊंनी भाषा, बोली, साहित्य और नई शिक्षा नीति पर प्रकाश डाला। डॉ. केसी जोशी ने भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज भाषाओं को मिलने वाले फायदे बताए। कार्यक्रम में डॉ. हेम चंद्र दुबे, महेंद्र ठकुराठी और ललित मोहन सिंह जीना की कुमाऊंनी में लिखी पुस्तकों का विमोचन किया गया।
उदय किरौला की अध्यक्षता में आयोजित दूसरे सत्र में कुमाऊंनी लोक साहित्य पर व्याख्यान और कुमाऊंनी लोक साहित्य की विधाएं, न्योली, झोड़ा, छपेली, भगनौल, बैर आदि की प्रस्तुतियां दी गईं। इस मौके पर साहित्यकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट, डॉ. राकेश सिंह, जुगल किशोर पेटशाली, डॉ. देव सिंह पोखरिया, कौस्तुभ आनंद चंदोला, गजेंद्र बटरोही, सरस्वती कोहली, डॉ. प्रयाग जोशी, नीलम नवीन, हेम पंत, भास्कर भौर्याल, राजेंद्र ढैला आदि समेत देश भर के संस्कृतिकर्मी, लेखक और साहित्यकार उपस्थित रहे। सम्मेलन में ललित तुलेरा की कुमाऊंनी कैलीग्राफी प्रदर्शनी, मीनाकृति की ओर से ऐपण कला की प्रदर्शनी, अविचल प्रकाशन की ओर से किताब प्रदर्शनी और कुमाऊंनी साहित्य किताब प्रदर्शनी लगाई गई।
इन्हें दिया गया सम्मान
हल्द्वानी। कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन के पहले दिन डॉ. यशोधर मठपाल, केशर सिंह नेगी, मोहन जोशी और बिमला बोरा को वैद्य कल्याण सिंह बिष्ट स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. देव सिंह पोखरिया को शेर सिंह बिष्ट ‘अनपढ़’ कुमाऊंनी कविता पुरस्कार और नंदाबल्लभ पांडे को राम सिंह लोधियाल स्मृति कुमाऊंनी साहित्य पुरस्कार दिया गया। शिवराज सिंह बगड्वाल को बहादुर सिंह बनौला स्मृति सम्मान और पीसी तिवारी को नेत्र सिंह रौतेला स्मृति सम्मान से नवाजा गया। संवाद