हाईकोर्ट ने नैनीताल में यातायात व पार्किंग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सोमवार 8 मई तक सुझावों के साथ कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही काठगोदाम व कालाढूंगी से नैनीताल को आने वाली बडी बसों को रोकने को कहा है। गुरूवार को आयुक्त कुमांऊं, डीएम नैनीताल, एसएसपी, नगरपालिका ईओ कोर्ट में पेश हुए। एसएसपी की ओर से कोर्ट को बताया कि यातायात व्यवस्था के लिए प्लान तैयार किए गए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नैनीताल निवासी प्रो. अजय रावत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर नैनीताल शहर के सौंदर्यींकरण व नैनी झील के अस्तित्व को बचाने के लिए दायर की थी। कोर्ट कमीश्नर की ओर से बताया गया कि नैनीताल में बडे वाहन आते है जो यातायात को बाधित करते हैं। एसएसपी ने कोर्ट को बताया कि पार्किंग के लिए कैंट में टूटा पहाड से कैलाखान तक प्रस्ताव है जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाइंस में बस रोककर शटल सेवा शुरू की जा सकती है। आगामी 15 मई से 55 सीटर बस के आने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और केवल 35 सीटर वाली बसों की ही आने दिया जाएगा। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 8 मई तक विस्तृत प्लांन के साथ उपस्थित होने को कहा है।
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