नैनीताल। डीएम दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने से पहले संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने नदी-नालों से होने वाले भू-कटाव को रोकने के लिए भू-कटाव वाले क्षेत्रों में जलागम, भूमि संरक्षण संबंधी कार्य कराने के निर्देश दिए।
डीएम रावत बीती शुक्रवार देर रात कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एकीकृत बहुउद्देशीय जल संभरण योजना बहुआयामी योजना है। इसकी पूर्ण जानकारी काश्तकारों को दी जाए, ताकि कृषकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
कहा कि मानकों के अनुरूप चालखाल, जल संरक्षण टैंक, गूलों आदि का निर्माण किया जाए। कृषि अधिकारी ने डीएम को बताया गया कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों के अनुसार ग्रामसभा की खुली बैठकों में स्वीकृति के बाद 16 टैंकों का निर्माण कराया गया है।
बैठक में सीडीओ प्रकाश चंद्र, डीडीओ डॉ. महेश कुमार, ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट, बेतालघाट के ब्लॉक प्रमुख सतीश नैनवाल, हल्द्वानी के ब्लॉक प्रमुख भोलादत्त भट्ट, ईई सिंचाई टीडी कांडपाल, लघु सिंचाई के बृजेश कुमार व जलागम तथा भूमि संरक्षण एवं कृषि अधिकारी उपस्थित थे।