अमर उजाला में पीलिया की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद आखिरकार आज प्रशासन की नींट टूट गई। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी बृहस्पतिवार को शहर के प्रभावित क्षेत्र सुभाषनगर में पहुंचे। मौके पर पीलिया के रोगियों से मिले और लोगों ने दूषित पेयजल आपूर्ति की तमाम शिकायतें की। डीएम ने भी माना कि दूषित पेयजल ही पीलिया का मुख्य कारण है। डीएम ने जलसंस्थान को लीकेज बंद कराने और गंदगी के बीच से गुजर रही पेयजल लाइनों को तत्काल शिफ्ट करने का फरमान सुनाया।
जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी बृहस्पतिवार की सुबह सुभाष नगर क्षेत्र में पहुंचे और पीलिया पीड़ितों से मिले। पीलिया पीड़ितों और उनके परिजनों ने डीएम को बताया कि पीला, मटमैला और बदबूदार पानी आता है। कई बार पानी में कीड़े निकलते हैं। डीएम ने जल संस्थान की ओर से की जा रही पेयजल आपूर्ति एवं जल वितरण पाइप लाइनों का मौका मुआयना किया। निरीक्षण में साफ हो गया कि पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनें गंदगी और नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं। लाइनों मे लीकेज की वजह से दूषित पानी की आपूर्ति घरों तक हो रही है। दूषित पानी ही सुभाष नगर में पीलिया फैलने का मुख्य कारण है। डीएम ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके उपाध्याय को निर्देश दिए कि खराब लाइनों को तत्काल बदला जाए। साथ ही गंदगी और नालियों के बीच से घरों को जा रही पेयजल लाइनों को ठीक किया जाए, जिससे लोगों को साफ एवं स्वच्छ पानी मिल सके। उन्होंने उपाध्याय को प्रतिदिन पानी के नमूने लेेकर के निर्देश दिए।
डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को निर्देश दिए कि वह स्वास्थ्य महकमे के साथ मिलकर सुभाष नगर समेत पीलिया से प्रभावित अन्य क्षेत्रों में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें। लोगों को मुफ्त दवाएं वितरित की जाएं। जनजागरूकता अभियान के माध्यम से बताया जाए कि स्वच्छ पानी का ही प्रयोग करें एवं खुले हुए खाद्य पदार्थ न खाएं। शिविर में लोगों को पीलिया एवं अन्य संक्रामक रोगों के बारे में जानकारी दी जाए। कहा कि पेयजल के नमूनों की जांच आधुनिक प्रयोगशाला से कराएं एवं पानी का ट्रीटमेंट करें।
ऐसे बचे बीमारियों से
= स्वच्छ एवं ताजे पानी का प्रयोग करें। पानी को उबालकर प्रयोग करें।
= ताजा बना हुआ खाना खाएं। बचे हुए खाने को फ्रिज में रखें और गर्म करके ही खाएं।
= घर के आसपास कहीं भी पानी न एकत्रित होने दें।
= कूलर, नारियल के खोल, टायर आदि वस्तुएं इधर-उधर न फेंके। पानी में मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छर एकत्र होते हैं।
= बुखार, पेट दर्द, जाड़ा लगकर बुखार आने पर तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं।
= पीलिया होने पर तला-भुना खाना न खाएं और ग्लूकोज का पानी पीएं।
= पाइप लाइन अगर नाली/नाले से होकर गुजर रही हो तत्काल हटवा लें। संक्रामक रोग हो सकते हैं।
= घर एवं दुकान से निकलने वाले कूड़े नाली-नालों में न डालें अन्यथा गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी भी पीलिया से ग्रस्त
हल्द्वानी। गुरुनानकपुरा गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी भी पीलिया से ग्रस्त हैं। डीएम के सुभाषनगर पहुंचने पर हेड ग्रंथी इंदर मोहन सिंह (57 वर्षीय) मौके पर पहुंच गए और बताया कि पीलिया से ग्रस्त हैं। उन्होंने भी पेयजल आपूर्ति पर सवाल खड़े किए।