डीएम दीपक रावत ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए हैं कि जिले में बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराना सुनिश्चित करें। कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक और कस्टोडियन की होगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम रावत मंगलवार को शिक्षा भवन सभागार में 10 मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने परीक्षा शुरू होने से पहले प्रत्येक केंद्र में बिजली, पानी और बैठने की उचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी केंद्र व्यवस्थापक और कस्टोडियन परीक्षा अवधि में मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों और उड़नदस्तों में शामिल अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर समस्याओं को हल कराने और किसी भी तरह की सूचना कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए।
इससे पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी रघुनाथ लाल आर्य ने बोर्ड परीक्षा के संबंध में डीएम को जानकारी दी। बैठक को सीडीओ ललित मोहन रयाल ने भी संबोधित किया। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान, एसडीएम राकेश तिवारी, एसएस जंगपांगी, प्रधानाचार्य हरीश चंद्र सिंह रौतेला, डा.बृजमोहन तिवारी समेत सभी खंड शिक्षा अधिकारी और केंद्र व्यवस्थापक मौजूद थे।
मीडार और चकडोबा में लगाएंगे सैटेलाइट फोन
ओखलकांडा ब्लाक के दूरस्थ मीडार और चकडोबा क्षेत्र में दूरसंचार की व्यवस्था न होने का मामला भी डीएम के समक्ष बैठक में उठा। इस पर डीएम ने कहा कि शीघ्र ही दोनों स्थानों पर सैटेलाइट फोन लगाए जाएंगे, ताकि बोर्ड परीक्षा के दौरान सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो सके।