ग्रीष्म पर्यटन सीजन से ठीक पहले जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने टैक्सी, नाव, घोड़ा संचालकों व होटलकर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य करने, अवैध होमस्टे और रेहड़ी-फड़ों पर कड़ी कार्रवाई करने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सभी पार्किंग स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में व्यापारियों और पर्यटन कारोबारियों ने अस्थाई पार्किंग स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। कहा कि अस्थाई पार्किंग स्थलों पर शौचालय, पानी और रोशनी की उचित व्यवस्था न होने से पर्यटकों को काफी परेशानी होती है। अवैध टैक्सी संचालन और फर्जी गाइडों की बढ़ती संख्या पर लोगों ने सख्त नाराजगी जताई। इसमे टोल टैक्स पर मैनुअल पर्ची सिस्टम के कारण लगने वाले जाम की समस्या भी प्रमुखता से उठी। कारोबारियों ने सुझाव दिया कि पर्यटन सीजन के दौरान वीआईपी कार्यक्रम और बड़े स्कूल आयोजन सीमित किए जाएं।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। इसमें सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डेय, एडीएम विवेक राय, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल, एसडीएम नवाजिश खलीक, आरटीओ अरविंद पांडे, डीटीओ अतुल भंडारी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, महासचिव वेद साह, व्यापार मंडल तल्लीताल अध्यक्ष मारुति साह, मल्लीताल अध्यक्ष किशन नेगी, महामंत्री त्रिभुवन फर्त्याल, डीएसए महासचिव मनोज जोशी, नाव एसोसिएशन अध्यक्ष राम सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दया किशन पोखरिया व अन्य लोग उपस्थित रहे।
टोल पर हो फास्टैग व्यवस्था
डीएम ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देशभर में टोल प्लाजा पर फास्टैग लागू होने के बावजूद नैनीताल में अब तक मैनुअल व्यवस्था चल रही है जो आधुनिक पर्यटन शहर के अनुरूप नहीं है। इसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।।
अवैध टैक्सियों पर लगेगी लगाम, सड़क पर पार्किंग पर रोक
नैनीताल शहर में बेलगाम टैक्सी संचालन पर लगाम कसने के लिए डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं। डीएम ने आरटीओ को अवैध टैक्सी वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने और सड़क पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित करने को कहा गया। शहर की क्षमता के अनुसार ही बाहरी वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। डीएम ने शटल सेवा के किराए तय कर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मनमानी वसूली रोकी जा सके।