सीएम की बेटी की शादी में काफी वाहन आने से नैनीताल रोड पर बुधवार रात जाम लग गया, जिसमें वीवीआईपी गाड़ियां भी फंस गई। यातायात की स्थिति दुरुस्त करने के लिए वाटिका से पहले खुद डीएम दीपक रावत और एसएसपी सेंथिल अबुदई सड़क पर उतर गए। काफी देर बाद अधीनस्थों ने यातायात को सामान्य किया। देर रात तक वाहनों के आने का तांता लगा रहा।
सीएम की बेटी की शादी में नैनीताल रोड के दोनों तरफ सिर्फ गाड़ियां ही गाड़ियां दिखाई दे रही थी। पुलिसकर्मियों को गाड़ियों को खड़ी कराने में पसीने छूट रहे थे। वाटिका के पास की गलियां भी वाहनों से पटी थीं। बाराती और घराती के अलावा अन्य वाहनों को कालटैक्स से ही मुखानी की तरफ मोड़ा जा रहा था। शादी में शाम के समय डीजी विजलेंस एके भगत भी पहुंचे।
रोड पर अनुमान से अधिक वाहन आने के कारण जाम लग गया, जिसमें कई लालबत्ती गाड़ियां भी फंस गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुधवार रात डीएम, एसएसपी को रोड पर उतरकर कमान संभालनी पड़ी। देर रात वाहनों के आने का क्रम जारी रहा। वाटिका के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी का कंट्रोल रूम बनाया था। काफी संख्या में एलआईयू के जवान अंदर निगरानी रखे थे।
मंत्रियों के सुरक्षाकर्मी खड़े रहे बाहर
प्रदेश के आला अधिकारियों ने यह हिदायत दी थी कि वाटिका के अंदर कोई पुलिसकर्मी वर्दी में प्रवेश नहीं करेगा। पुलिस के जवान भी सादे कपड़े में अंदर जाएंगे। शायद इसी कारण मंत्रियों और दर्जा प्राप्त मंत्रियों के सुरक्षाकर्मियों ने वाटिका के अंदर प्रवेश नहीं किया।
वीवीआईपी शादी में फंसी बारात
सीएम की बेटी की वीवीआईपी शादी में एक अन्य बारात जाम के चलते फंस गई। नितिन-शैफाली की शादी के लिए बारात को वुडपैकर जाना था। जाम के चलते 45 मिनट तक बाराती फंसे रहे। किसी प्रकार पुलिसकर्मियों ने बारात को बाहर निकाला।