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दिव्यांगों ने बिना मदद के मतदान किया

Thu, 16 Feb 2017 02:03 AM IST
अभिजात कांडपाल
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दिव्यांगों ने बिना मदद के मतदान किया - फोटो : अमर उजाला
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नैब के दिव्यांगों ने बुधवार को पहली बार मताधिकार का प्रयोग कर सरकार के चयन में योगदान दिया। मतदान करने वालों में 15 दिव्यांग बच्चे और दो दिव्यांग पुनर्वासित शामिल रहे। दिव्यांगों के अलावा नैब में रह रहीं तीन वृद्ध महिलाएं, तीन संवासिनियां और नैब के तीन कर्मियों ने भी मतदान किया।
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राजकीय हाईस्कूल नवाड़खेड़ा बूथ पर करीब 11 बजे वोट देने पहुंचे दिव्यांगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बता दें कि चुनाव आयोग ने दृष्टिबाधितों को सहयोग के लिए अपने परिजन आदि में से एक व्यक्ति को साथ ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन बूथ पहुंचे सभी दिव्यांगों ने बिना किसी व्यक्ति की मदद के मतदान किया।

नैब के महासचिव श्याम धानक ने बताया कि दिव्यांगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी पहले से ही दे दी गई थी। बताया कि दिव्यांगों को चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण आयोग द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका के आधार पर ब्रेल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
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पोलिंग बूथ पहुंचे सभी दिव्यांग वोट देने को लेकर खासे उत्साहित थे। बच्चों का कहना था कि उन्होंने उम्मीद है कि नई सरकार दलितों और दिव्यांगों के उत्थान के लिए काम करेंगी। कुछ ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास, मूलभूत सुविधाओं आदि के लिए मतदान किया है।

पोलिंग बूथ पर दिव्यांगों को सहयोग करने के लिए पूरन सिंह मोहन सिंह राजकीय इंटर कॉलेज कुंवरपुर के एनएसएस स्वयंसेवी मौजूद थे। नैब की मीना सिंह रावत ने सहयोग किया।

इन दिव्यांगों ने वोट दिया

जिन दिव्यांगों ने मताधिकार का प्रयोग किया उनमें पूजा शर्मा, राजेश भट्ट, अंजू, सुनील जोशी, सुरेंद्र, प्रदीप सिंह रावत, देवेंद्र कुमार, हरीश, नीमा मिश्रा, पूजा मेहता, दीपा कलाकोटी, प्रीति कनवाल, पंकज टम्टा, किशनी देवी, उमा आर्या शामिल रहे। इसके अलावा संवासिनियों रानी, पार्वती, ममता के अलावा दो वृद्धाओं गीता, सरस्वती देवी ने भी वोट दिया।

दिव्यांगों को प्राथमिकता दी गई

पोलिंग बूथ राजकीय हाईस्कूल नवाड़खेड़ा में मतदान को पहुंचे नैब के दिव्यांग बच्चों को वोट के लिए लाइन में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। दिव्यांगों को प्राथमिकता के साथ मतदान कराया गया।
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