रामनगर। बृजेश हत्याकांड का 25 दिन बाद भी खुलासा नहीं हुआ। वाल्मीकि समाज के लोग मंगलवार को नवें दिन भी क्रमिक अनशन पर बैठे। शाम को एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर जल्द खुलासा करने और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उसके बाद अनशन समाप्त किया गया।
मंगलवार को पुरानी तहसील परिसर में विकास लाल, सुषमा देवी, ममता, कमला, चंदन कुमार, संजय कुमार, गौतम कुमार, दीपक मसीह अनशन पर बैठे। धरनास्थल पर ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी और महिला आयोग उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने पहुंचकर घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र खुलासा करने की मांग की।
वाल्मीकि समाज के लोगों ने उत्तराखंड स्वच्छकार कर्मचारी संघ के बैनर तले ब्लॉक प्रमुख व महिला आयोग उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा और मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो समाज के लोग बृहस्पतिवार से नगर की सफाई व्यवस्था का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार कर देंगे और आमरण अनशन को मजबूर होंगे।
देर शाम तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर, सीओ मिथिलेश कुमार, कोतवाल विक्रम सिंह राठौर अनशनस्थल पर पहुंचे। सीओ ने मामले में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी और आंदोलन स्थगित करने की अपील की। कहा कि मामले का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। तहसीलदार ने मुआवजे की कार्यवाही करने का लिखित आश्वासन दिया। उसके बाद अनशन समाप्त कर कार्य बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया गया।
धरना स्थल पर ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष शेखर चंद्र, ज्येष्ठ उपब्लॉक प्रमुख आनंद सिंह रावत, इंदर लाल, महावीर रावत, किशोर लाल, अश्वनी सिद्धार्थ, सुशील कुमार, कुलदीप कुमार, रामभरोसे लाल, हरलाल, नितिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।