रामनगर (नैनीताल)। अस्पताल में दिव्यांग कार्ड बनाने आई गर्भवती को डॉक्टरों ने जबरन कमरे से बाहर किया तो वह गिर गई। बाद में हालत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गर्भवती के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गौजानी के पूर्व प्रधान कमरुद्दीन ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि रामनगर अस्पताल में दिव्यांग कार्ड बनाने के लिए पांच मई को शिविर लगा था। उसकी पुत्री सलमा पत्नी जावेद निवासी जसपुर पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग है और उसका पहले दिव्यांग कार्ड बन चुका है। वह दिव्यांग कार्ड को डिजिटल कराने के लिए जसपुर से रामनगर आई थी। उसकी पुत्री आठ माह की गर्भवती है और अपनी बहन के साथ अस्पताल पहुंची थी। बहन ने उसे हल्द्वानी से आए डॉक्टरों के सामने बैठा दिया और खुद पर्चा बनवाने चली गई। आरोप है कि हल्द्वानी से आए डॉक्टरों ने उसे कमरे से बाहर बैठने को कहा। उसने डॉक्टरों से कहा कि उठ नहीं पाएगी। डॉक्टरों ने उसकी नहीं मानी उस पर बाहर जाने के लिए दबाव बनाया। किसी तरह वह बाहर जाने लगी तो गिर गई और हाथ में चोट लग गई। स्थिति को देखते हुए उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल की सीएमएस चंद्रा पंत ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। हर महीने की पांच तारीख को दिव्यांगों के कार्ड बनाए जाते हैं। इसके लिए हल्द्वानी से डॉक्टरों की टीम आती है। गर्भवती दिव्यांग की हालत ठीक है। उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।