शहर के बीचों बीच सतीश कालोनी के लोग नारकीय जीवन काट रहे हैं। कालोनी में पानी की निकासी नालियां नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर फैला है, जिससे सड़कों पर गंदे पानी के तालाब बने हैं। पानी से सड़ांध उठ रही है और मच्छर भिनभिना रहे हैं। कालोनी वालों ने वार्ड पार्षद से लेकर मेयर और वित्तमंत्री से नालियां बनवाने की गुहार लगा ली है, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं है।
सतीश कालोनी मुखानी पुलिस चौकी से सटी है। कालोनी काफी पुरानी है और कई संभ्रात परिवार यहां रहते हैं। कालोनी में आज तक सड़क किनारे नालियां नहीं बन सकी हैं। कुछ लोगों के घरों का पानी सड़क पर आता है, जिससे पूरी कालोनी के लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले खाली प्लाटों में गंदा पानी चला जाता था, लेकिन अब प्लाटों में मकान और चहारदीवारी बन चुकी हैं। राम बाबू केसरवानी के मुताबिक हर सीजन में कालोनी की सड़कों पर तालाब रहता है। महीनों से ठहरा पानी दुर्गंध मारता है। इसमें मच्छर मंडराते रहते हैं।
गोपाल सिंह और सोनू सिंह बताते हैं, नालियां बनवाने के लिए नेताओं को कई बार ज्ञापन दे दिए हैं। घनश्याम कुमार और नरेश कुमार के मुताबिक पार्षद शोभा बिष्ट, मेयर जोगेंद्र रौतेला और वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से नाली बनवाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। गोपाल कृष्ण, दिनेश कुमार, विनोद कुमार और उमेश सिंह बताते हैं सफाई कर्मी भी गंदगी देख कभी नहीं आते हैं। लोग संक्रामक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।