नैनीताल। हाइकोर्ट ने पॉलिथीन पर प्रतिबंध के बावजूद इसके धड़ल्ले से हो रहे उपयोग और कपड़े की थैलियों में प्रोपलीन मिले होने के मामले में ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी को छोड़ प्रदेश के अन्य जिलाधिकारियों को पांच अक्तूबर तक कोर्ट में शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर 5 अक्तूबर तक शपथपत्र पेश नहीं किया गया तो संबंधित जिलाधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। मामले में बुधवार को ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना जवाब दाखिल किया जबकि कोर्ट सभी जिलाधिकारियों को जवाब पेश करने के लिए दो बार समय पहले ही दे चुकी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर निवासी रोहित कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हाईकोर्ट ने 17 मार्च 2015 को आदेश पारित कर प्रदेश में पॉलिथीन की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन प्रशासन और सरकार की लापरवाही से आज भी बाजार में पॉलिथीन धड़ल्ले से बेची जा रही है और इसका उपयोग हो रहा है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि यह हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश की अवहेलना है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि बाजार में कपड़े की जो थैलियां उपयोग में लाईं जा रहीं हैं, उसमें भी प्रोपलीन नामक पदार्थ है, जो मनुष्य, पर्यावरण और जीव जंतुओं के लिए हानिकारक है। याचिकाकर्ता ने मामले की जांच की मांग की है।