रामनगर। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दौर में तकनीक की मार से बीच ई-रिक्शा सड़क पर लाचार हो रहे हैं। कुछ अराजक तत्व रामनगर में भी डिजिटल करतूत से ई-रिक्शा को बीच सड़क पर बंद कर दे रहे हैं। अचानक वाहन बंद होने से चालक और सवारियों को असुविधा हो रही है। इससे परेशान ई-रिक्शा संचालकों ने बृहस्पतिवार को वाहन खड़े कर प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को खताड़ी स्थित जीआईसी इंटर कॉलेज के मैदान में कार्यालय के परिसर में ई-रिक्शा संचालकों ने वाहन खड़े कर प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को सौंपे ज्ञापन में कहा कि शहर में कुछ शरारती तत्व मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर ई-रिक्शा के बैटरी सिस्टम से छेड़छाड़ कर रहे हैं। दावा है कि एप से इन इलेक्ट्रिक वाहनों के पहिये जहां-तहां जाम हो जा रहे हैं। इससे कई बार व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा बंद होने से जाम की स्थिति भी बन जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-रिक्शा बंद करने के बाद शरारती तत्व ई-रिक्शा को दोबारा शुरू करने के लिए रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। उन्होंने मामले में पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
आखिर क्या है यह ऐप?
बैट-बीएमएस एक एप है जिससे लिथियम-आयन बैटरी को मैनेज और मॉनिटर किया जा सकता है। इस एप की मदद से बैटरी हेल्थ, वोल्टेज, करंट और चार्जिंग प्रतिशत की रियल टाइम में जानकारी प्राप्त होती है। लिथियम बैटरी के तापमान को भी ट्रैक करने का कमा करता है। इससे बैटरी में किसी तरह के धमाके जैसी स्थिति से बचा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह एप सड़क पर चल रहे उन ई-रिक्शा से कनेक्ट हो जा रहा है जिनके ब्लूटूथ-इनेबल्ड बीएमएस पासवर्ड से सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में इस एप से ई-रिक्शा कंट्रोल किए जा रहे हैं। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत खतरनाक है।
ई-रिक्शा संचालकों की शिकायत पर दो लोगों को पकड़ा है। मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ई-रिक्शा को बंद करने की जानकारी दोनों युवकों ने दी है। अवैध वसूली समेत अन्य पूछताछ की जा रही है।
- सुशील कुमार, कोतवाल, रामनगर
पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत सही पाई गई तो आरोपियों के ई-रिक्शा की बैटरी हैक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम, रामनगर