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डायबिटीज एसोसिएशन का दो दिनी सेमिनार संपन्न

Mon, 12 Oct 2015 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
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 उत्तराखंड और यूपी डायबिटीज एसोसिएशन के दो दिनी सेमिनार में विशेषज्ञों का मानना था कि शुगर के प्रति लोगों को जागरूक होना होगा। जरा सी लापरवाही से जान खतरे में पड़ सकती है।
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दो दिवसीय सेमिनार के अंतिम दिन करनाल (हरियाणा) के डा. अतुल अत्रेजा ने बताया कि सोते समय खरराटे आना भी एक रोग है। रात को सोते समय ऐसे मरीजों को आक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को इससे ज्यादा खतरा होता है।

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्रो. डा. मनोज श्रीवास्तव ने कैलोस्ट्रॉल के बारे में बताया कि यह दो प्रकार के होते हैं। एसडीएल इसमें अच्छा माना जाता है, जो भारतीयों में कम होता है।
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उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को पैर में होने वाले घाव को हल्के से नहीं लेना चाहिए। इसमें खून की नलियों में बदलाव आता है। इससे बचने के लिए डॉक्टर को दिखाने के साथ ही रोज जूता पहने, नंगे पैर न रहे, तसले में रोजाना गुनगुना पानी कर पैर को धोए और नारियल का तेल लगाएं। उन्होंने छोटे घाव को भी नजरअंदाज न करने की सलाह दी।

मेडिकल कॉलेज के प्रो. विवेक सत्यवली ने डायबिटीज के मरीजों में पड़ने वाले कैंसर के प्रभाव के बारे में बताया। केरल के रेखा सेमबल ने कहा कि डायबिटीज में हार्ट का खतरा बढ़ जाता है।

सेमिनार के अंत में विशेषज्ञों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अधिवेशन के चेयरमैन डा. केसी लोहनी, सरिता बजाज, सचिव डा. नीलांबर भट्ट,  मीडिया प्रभारी डा. डीसी पंत, एमसी तिवारी, भूषण कपूर, त्रिलोचन सिंह,  प्रकाश पंत, अरुण जोशी, विवेक सत्यवली आदि मौजूद थे।
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