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तिवारी, धस्माना को साजिश के तहत भेजा जेल

Fri, 29 Jan 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
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नानीसार बचाओ संघर्ष समिति ने पत्रकार वार्ता कर उत्तराखंड सरकार पर नानीसार में अवैध रूप से किये गये भू अधिग्रहण के खिलाफ जारी जनआंदोलन के दमन का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा पुलिस ने जेल मैनुअल के खिलाफ 23-24 जनवरी की रात्रि साढ़े तीन बजे उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी, महिला नेत्री रेखा धस्माना, आनंदी वर्मा को जेल भेज दिया।

साथ ही बगैर किसी जांच के गुपचुप तरीके से एससी, एसटी का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। जबकि मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी ललित कुमार का जाति प्रमाण पत्र भी पुलिस के पास नहीं है।
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उपपा के प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी ने कहा उत्तराखंड का पुलिस-प्रशासन जिंदल ग्रुप के साथ निजी ब्रिगेड के रूप में कार्य कर रहा है।

26 जनवरी को पुलिस द्वारा जगह-जगह आंदोलनकारियों को रोके जाने के बाद भी बड़ी संख्या में नानीसार पहुंचे और निमार्णाधीन स्कूल में ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने कहा स्कूल परिसर में पुलिस के साथ जिंदल के हथियार बंद बाउंसर भी तैनात थे।

इससे स्पष्ट होता है कि सरकार पूरी तरह प्रदेश में माफियाराज को बढ़ावा दे रही है। श्री ध्यानी ने कहा 27 जनवरी को अल्मोड़ा के डीएम ने स्वीकार किया कि अभी तक हिमांशु एजूकेशन सोसायटी को जमीन का पट्टा हस्तांतरित नहीं हुआ है।

 इसके बावजूद भी नानीसार में नियम कानूनों को ताक पर रखकर निर्माण जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा भवन का शिलान्यास किया जाना सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है।

उन्होंने कहा पीसी तिवारी की जान को जेल के भीतर खतरा है। उनकी हत्या की जा सकती है। इसलिए मानवाधिकार आयोग को तत्काल हस्तक्षेप कर तिवारी की सुरक्षा की जानी चाहिए। साथ ही रेखा धस्माना पर हमला करने वाले जिंदल के बाउंसरों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

समिति ने नानीसार में हिमांशु एजूकेशन सोसायटी को किये गये भू आवंटन को तत्काल रद्द करने की मांग की है। पत्रकार वार्ता में शीला शर्मा, मुनीष कुमार, अजीत साहनी, पंकज कुमार, मनमोहन अग्रवाल मौजूद थे।
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