रामनगर। ट्रांसपोर्ट नगर में शराब की दुकान खुलने की सुगबुगाहट से गुस्साए दुकानदारों ने रविवार को दूसरे दिन भी अपनी दुकानों को बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। नगर पालिका चेयरमैन मो. अकरम ने भी ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों को समर्थन देते हुए धरना-स्थल पर पहुंचकर कहा कि यहां शराब की दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दी जाएगी।
यदि कोई दुकान स्वामी अपनी दुकान शराब की दुकान के देगा तो नगर पालिका द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, देवभूमि व्यापार मंडल ने भी ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों को समर्थन दिया। इस दौरान देवभूमि व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल, अध्यक्ष मनिंदर सिंह सेठी, शिवी अग्रवाल, विजय चावला, रमजानी, आशू वर्मा, राम अवतार, असलम, सचिन, यासीन आदि थे।
कानों के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा थम नहीं रहा है। अब हीरानगर गेट के पास शराब की दुकान को हटाने की मांग पर महिलाओं ने रविवार को बखेड़ा कर दिया। शराब की दुकान पर पहुंचकर पहले प्रदर्शन किया फिर दुकान का शटर गिराकर तीन कर्मचारियों को बंद कर दिया। एक सेल्समैन को डांटकर भगा दिया। करीब दो घंटे तक महिलाएं हंगामा करती रहीं। बाद में पुलिस पहुंची तब जाकर शटर खोला गया।
ग्राम प्रधान शांति मेहता और कनिष्क ब्लाक प्रमुख जया कर्नाटक की अगुवाई में महिलाएं रविवार को हीरानगर गेट के पास शराब की दुकान पर पहुंचीं। उनका आरोप था कि शराब की दुकान नियम के खिलाफ खोली गई है। इसे किसी भी कीमत में खुलने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों को बंद करने की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
पुलिस का कहना था कि दुकान का लाइसेंस आबकारी विभाग ने दिया है ऐसे में महिलाओं को अपनी बात आबकारी विभाग या प्रशासन के सामने रखनी चाहिए। इस प्रकार से दुकान में कर्मचारियों को बंद करना कानून के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों में बीडीसी सुनीता बेलवाल, ममता गोस्वामी, विजय लक्ष्मी, गीता तिवारी, शीला पांडे, दीपा पुनेरा आदि मौजूद भी शामिल थीं। दुकानदार का कहना है कि दुकान खुलने पर कुछ दिनों पहले एक गुट ने प्रदर्शन किया था। समझौता होने के बाद एक सप्ताह से दुकान ठीक चल रही थी तो फिर दूसरा गुट सामने आ गया है। पुलिस भी समझौते और प्रदर्शन के अनोखे रवैये से परेशान हो गई है।