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UK: खतरे में मरीज और स्थानीय...धानाचूली में दीवार गिरने से अस्पताल और नीचे रहने वालों पर मंडराया संकट

Thu, 09 Jul 2026 06:41 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

पर्वतीय क्षेत्रों में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने धानाचूली में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल की सुरक्षा दीवार गिरा दी, जिससे लाखों की लागत से बन रहे भवन को खतरा पैदा हो गया है।
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धानाचूली में दीवार ढही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्वतीय क्षेत्रों में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश अब आफत बनकर बरसने लगी है। धानाचूली क्षेत्र में निर्माणधीन आयुर्वेदिक अस्पताल की सुरक्षा दीवार के एक ही बारिश में गिरने से लाखों की लागत से बन रहे अस्पताल के भवन को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा दीवार के गिरने पर विभाग और ठेकेदार की ओर से भवन निर्माण में किए जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। साथ ही लोगों ने जिला प्रशासन से जांच करने की मांग की है। साथ ही भवन के नीचे रहने वाले लोगों को भी खतरा बना हुआ है।

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भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में रातीघाट और पाडली के पास सड़क पर पेड़ के गिरने से वाहन चालकों और यात्रियों को घंटों का जाम का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। गनीमत रही की पेड़ के गिरते समय कोई वाहन सड़क पर नहीं था। घटना की सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस और एनएच के अधिकारियों ने पेड़ काटकर सड़क पर यातायात सुचारू किया। वहीं लोहाली में बुधवार की रात सड़क किनारे खड़ी कार पर बोल्डर गिरने से कार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही की हादसे में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

कैंची धाम क्षेत्र में भी मलबा और पत्थर गिरने से जाम की समस्या बनी रही। धानाचूली-पहाड़पानी मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात बंद होने से यात्री परेशान रहे। लोनिवि के सहायक अभियंता एमके महतोलिया ने बताया कि जेसीबी के माध्यम से मलबा हटाकर सड़क पर यातायात सुचारू किया गया। वहीं सतबुंगा के दुत्कानेधार के पास पहाड़ी से मलबा गिरने से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। क्षेत्र के मोहन सिंह ने बताया कि मलबा आने से सड़क पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में विभाग ने जेसीबी से हटाकर यातायात सुचारू किया। इधर लगातार हो रही बारिश से शिप्रा और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोग भी परेशान हैं।

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